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निगम कर्मचारियों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

6 वर्ष पहले
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रोहतक। नगर निगम कर्मचारियों ने लंबित मांगों के लिए सोमवार को कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने प्रदर्शन करने के बाद आयुक्त के नाम ज्ञापन भी दिया। कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से वे अपनी 14 मांगों को लेकर विरोध जता रहे हैं, बावजूद इसके उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में उनकी जायज मांगों को भी निगम के अधिकारी सुनवाई नहीं कर पा रहे हैं।

इस दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान संजय बिढ़लान ने मांग-पत्र सौंपते हुए जल्द ही मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सभी मांगों को 15 दिन के अंदर कोई समाधान नहीं हुए तो यूनियन आगामी कार्रवाई करने पर मजबूर हो जाएगी व प्रशासन खुद इसका जिम्मेदार होगा। इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य तौर पर राजेंद्र चौटाला, धर्मबीर, श्रवण बोहत, विक्की बिड़लान, शेर सिंह, कौशल, कमल राणा, रवि मौजूद रहे।
ये है मांगेंं
> नगर निगम में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के केस जैसे एसीपी, भविष्य निधि, मैरिज लोन, हाउस लोन व एरियर एक महीने से लंबित हैं। इन केसों के निपटान के लिए किसी अधिकारी को जल्द से जल्द नियुक्त किया जाए, ताकि नगर निगम का कार्य सुचारू रूप से चल सके।

> नगर निगम में लगे 40 कच्चे कर्मचारी जोकि लगभग 2 वर्षों से काम कर रहे थे, उनको वापिस कार्य पर लिया जाए व इसके अतिरिक्त नगर निगम में लगे कच्चे कर्मचारियों को उनके भविष्य को देखते हुए न हटाया जाए।

> निगम के सफाई कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर सफाई दरोगा लगाया जाए।

> सभी कच्चे कर्मचारियों को सप्ताह में एक रेस्ट दिया जाए।
> कर्मचारियों को मौसम के मुताबिक वर्दी व जूते दिए जाएं।
> पक्के कर्मचारियों को 100-100 गज प्लाट देने के लिए सरकार से मंजूरी मंगवाई जाए।
> सफाई कर्मचारियों के स्थान पर बरसात व धूप से बचने के लिए शेड बनवाया जाए।
>:कच्चे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 15 हजार किया जाए।
> ट्रैक्टर ड्राइवरों का पीएफ लागू हो।
> सफाई कर्मचारियों का आफिस स्टाफ की तरह बीमा स्कीम लागू की जाए।
> अतिक्रमण की ड्यूटी पर लगे कर्मियों के साथ एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए।
> आउटसोर्स वालों को भी ईपीएफ दिलवाया जाए।
> न देने पर ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करवाई जाए।