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धैर्य की परीक्षा न लें अधिकारी, 12 मई को उठाएंगे निर्णायक कदम

8 वर्ष पहले
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रोहतक. करौंथा के सतलोक आश्रम को लेकर आर्य समाजियों व रामपाल समर्थकों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। आर्य प्रतिनिधि सभा के संरक्षक आचार्य बलदेव ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि आश्रम को खाली नहीं कराया गया तो 12 मई को निर्णायक कदम उठाया जाएगा। उधर, रामपाल समर्थकों ने सदर थाने में शिकायत देकर आर्य समाजियों पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।

दयानंद मठ में गुरुवार को पत्रकारवार्ता के दौरान आचार्य बलदेव, सभा के मंत्री सतबीर शास्त्री, आचार्य योगेंद्र व सर्व मित्र व मास्टर रामपाल दहिया ने कहा कि आश्रम विवादित जमीन पर बना है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने आश्रम रामपाल समर्थकों को सौंप दिया। 9 अप्रैल को खुद डीसी विकास गुप्ता ने आश्वासन दिया था कि 30 अप्रैल तक खाली करा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। धारा-144 के बावजूद हजारों रामपाल समर्थक आश्रम में रह रहे हैं। उन्हें निकालने की बजाय प्रशासन उनकी सुरक्षा में लगा है।

प्रशासन ने जल्द निर्णायक कदम नहीं उठाया तो 12 मई को खुद आर्य प्रतिनिधि सभा आसपास के ग्रामीणों के साथ मिलकर निर्णायक कदम उठाएगी, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

रामपाल समर्थक पहुंचे सदर थाने, डराने-धमकाने का आरोप

रामपाल समर्थक सिंहपुरा गांव निवासी विकास दास ने सदर थाने में शिकायत दी है कि आर्य समाजियों की ओर से उनके गांव में आरपार की लड़ाई के ऐलान कर न केवल पोस्टर चिपकाए गए हैं, बल्कि गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को रामपाल के खिलाफ भड़काया जा रहा है। अत: मामले में आर्य समाजियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की जांच कर रहे एसआई नरेंद्र सिंह का कहना है कि शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।