रोहतक। हरियाणा के रोहतक में कुछ दिनों पहले गैंगरेप की शिकार बनी नेपाली मूल की लड़की के साथ जो ज्यादती हुई, वह दरिंदगी की हद थी। पुलिस ने दुष्कर्म और हत्या के मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का दावा किया है। लेकिन पुलिस के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मृत महिला के शव पाए जाने के बाद घटनास्थल से 3 किमी दूर तक अच्छी तरह से छानबीन करने की बात कही थी। लेकिन घटना सामने आने के 5 दिन बाद घटनास्थल से करीब 80 कदम दूर लड़की का हाथ मिला है। पुलिस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लड़की नेपाल जाने की जिद कर रही थी। फिर वह घर से अकेले ही निकल गई। इसी दौरान उसे ऑटो सवार अपने साथ ले गए। पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी ने खुदकुशी कर ली है।
दावा 3 किमी. सर्चिंग का, हकीकत में 80 कदम भी नहीं, 5वें दिन मिला हाथ
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के दौरे के बाद सबूत इकट्ठा करने के लिए पुलिस ने री-सर्चिंग शुरू करते हुए दावा किया कि तीन किलोमीटर के दायरे में वो हर चीज तलाशी जाएगी, जो उस जगह से मेल न खाती हो, लेकिन हकीकत में इन चार दिनों में पुलिस की कुछ कदम भी नहीं पहुंच सकी। शव मिलने के पांचवें दिन घटनास्थल से करीब 80 कदम दूर लड़की का बायां हाथ मिला, जो सर्चिंग की लापरवाही उजागर करने के लिए काफी है।
हाथ कब्जे में, होगा डीएनए टेस्ट
जिस जगह युवती का शव मिला, उससे करीब 80 कदम दूर पानी की टंकी की बाउंड्री है। बाउंड्री के पास लड़की का बायां हाथ मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जांच-पड़ताल के बाद हाथ कब्जे में लिया और रात 9 बजे पीजीआई डेड हाउस भिजवा दिया। पुलिस की मानें तो यह हाथ लड़की का ही है, इसकी पुष्टि करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने हाथ का डीएनए टेस्ट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह है मामला-
मानसिक रूप से बीमार युवती से दिल्ली की निर्भया जैसी दरिंदगी
28 वर्षीय नेपाली युवती के साथ 'दिल्ली की निर्भया' जैसी दरिंदगी की गई। वह करीब तीन साल से मानसिक रूप से बीमार थी। रोहतक के चिन्योट कॉलोनी में किराए पर रहने वाली उसकी बड़ी बहन दो माह पहले उसे पीजीआई में इलाज कराने के लिए लाई थी।
1 फरवरी को वह लापता हो गई। परिजनों ने पीजीआई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस बीच, 4 फरवरी (बुधवार) को उसकी नग्न लाश पास के गांव बहु अकबरपुर में मिली। 6 फरवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पता चला कि युवती के साथ क्रूरता की हदें पार कर दी गईं।
डॉक्टरों के मुताबिक, युवती के साथ दुष्कर्म-कुकर्म के अलावा उसको शारीरिक चोट पहुंचाई गई। उसके निजी अंगों पर घाव के निशान थे। शरीर के अंदर सीमेंट चादर के टुकड़े, पत्थर और कंडोम निकले। हैवानों ने रॉड का प्रहार करके लड़की के प्राइवेट पार्ट को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था। प्रदेश भर में इस हैवानियत के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए। लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। युवती को श्रद्धांजलि दी।
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