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3 दिन से गुमसुम मनोविज्ञान की छात्रा ने दी जान, हॉस्टल में पंखे से लटकी मिली

7 वर्ष पहले
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(हॉस्टल के कमरे से शव को निकालने के दौरान सहपाठी छात्राएं सहमी नजर आईं।)
रोहतक. पंडित बीडी शर्मा हेल्थ विश्वविद्यालय में एमफिल क्लीनिकल मनोविज्ञान कोर्स की छात्रा रीना राय ने बुधवार शाम 4 बजे एमडीयू के कृष्णा हॉस्टल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा गाजियाबाद के मोहन नगर की रहने वाली थी। सहपाठी छात्रा का कहना है कि कई दिनों से रीना तनाव में थी और मंगलवार रात से खाना भी नहीं खा रही थी।

वहीं विवि प्रबंधन करीब दो घंटे तक परिजनों को सूचना देने के लिए फोन मिलाता रहा, लेकिन किसी परिजन ने फोन नहीं उठाया। देर शाम साढ़े छह बजे देहरादून में रह रहे भाई को फोन पर सूचना दी। देर शाम तक छात्रा के परिजन विवि नहीं पहुंच सके थे। सूचना मिलने पर पीजीआई थाना पुलिस और कुलपति डॉ. एसएस सांगवान मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआईएमएस के शवगृह में भेज दिया है। अब गुरुवार को छात्रा के परिजनों के आने के बाद ही उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। छात्रा के तनाव में रहने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

सहपाठी से कहा, सर को बोल दो मेरी तबीयत ठीक नहीं है
मृतका रीना की सहपाठी संतोष का कहना है कि मंगलवार रात से ही रीना परेशान चल रही थी। उसने कुछ खाया भी नहीं था। वहीं सुबह जब उसे राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में परीक्षा देने के लिए कहा तो उसने चलने से मना कर दिया और सोती रही। संतोष का कहना है कि बुधवार को वाइवा होना था और इसके लिए रीना को 11 बजे फोन भी लगाया था कि अभी भी वाइवा दे सकती है, लेकिन उसने कहा कि सर को बोल दो कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद जैसे ही वह शाम चार बजे वापस हॉस्टल आई तो देखा कि अंदर से दरवाजा बंद था। पीछे से खिड़की से झांक कर आवाज लगाने गई तो पाया कि रीना पंखे में चुन्नी बांधकर लटक रही थी।
सूचना मिलते ही पहुंचे कुलपति
इस घटना की सूचना सहपाठी ने हॉस्टल वार्डन को दी। सूचना मिलने पर हॉस्टल वार्डन ने विवि प्रबंधन के अधिकारियों को बताया और इसके बाद पीजीआई थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। इस दौरान कुलपति डॉ. एसएस सांगवान, उपकुलपति डॉ. वीके जैन, कुलसचिव डॉ. सरला हुड्डा भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। बता दें कि एमडीयू का हॉस्टल हेल्थ विवि की छात्राओं को किराये पर रहने के लिए दिया गया है।
तनाव में सोती रहती थी रीना
रीना की सहपाठी संतोष निवासी करनाल ने बताया कि उन्होंने एमफिल के प्रथम वर्ष में छह महीने पहले ही दाखिला लिया था। दोनों तभी से ही साथ रह रही थी। जब भी रीना को तनाव आता था तो वह सोती रहती थी। एक दिन पहले भी वह तनाव में थी उससे पूछा भी गया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। ऐसा लगा कि एक महीने बाद एग्जाम है, जिस कारण ही वह तनाव में थी।
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