रोहतक। करौंथा के सतलोक आश्रम के संत रामपाल के सैकड़ों समर्थकों ने शुक्रवार को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के नाम पर शहर में प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की। उधर, पुलिस धारा 144 तोड़ने व कोर्ट की अवमानना करने पर रामपाल समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
2006 में हुई हत्या के मामले में जिला अदालत में हत्या की सुनवाई हुई, जहां रामपाल को छोड़कर दूसरे आरोपी पेश हुए।
रामपाल को हाईकोर्ट से पेशी से छूट मिली है, क्योंकि पिछली बार हिसार कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी के चलते काफी विवाद हुआ। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच था। इसके बावजूद जिला प्रशासन व पुलिस पहले से अलर्ट नहीं हुई। शुक्रवार सुबह 7 बजे ही सैकड़ों की संख्या में रामपाल समर्थक नए बस स्टैंड के सामने सिटी पार्क में एकत्रित होने लगे।
एक सप्ताह पहले रामपाल समर्थकों से एसडीएम ने लिखित में ज्ञापन मांगा था। मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा। पुलिस को यह पता लगा गया था कि रामपाल समर्थक ज्ञापन देंगे, लेकिन संख्या का अनुमान नहीं रहा। अचानक हजारों रामपाल समर्थकों को देखकर प्रशासन के होश उड़ गए। आनन-फानन में कोर्ट के चारों तरफ बेरिकेड्स लगाए गए।
जाम से बढ़ी मुश्किलें
सोनीपत स्टैंड जाम होने से चार तरफ की सड़क जाम हो गई। आधा घंटे तक समर्थक चौक पर जमे रहे। इससे अंबेडकर चौक व सुभाष चौक की ओर से सिविल रोड, कोर्ट परिसर की ओर जाने वाला रोड व शीला बाईपास रोड जाम हो गया।
कौन है संत रामपाल :
सोनीपत के गांव रिढ़ाणा निवासी रामपाल सिंचाई विभाग में जेई रहे, लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर भक्ति-मुक्ति ट्रस्ट बना लिया। साथ में करौंथा की सीमा में झज्जर रोड पर सतलोक आश्रम खोला। आश्रम में सत्संग के दौरान संत रामपाल द्वारा स्वामी दयानंद की पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश पर की गई कथित टिप्पणी से नाराज आर्य समाजियों ने रामपाल का विरोध किया।
(फोटो- प्रदर्शन के दौरान सुभाष चौक पर लगे जाम में परेशान लोग।)