पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े, टायर किए पंक्चर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रोहतक. पांच दिन से जारी रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल से चरमराई व्यवस्था का नमूना देर रात इमरजेंसी वार्ड के बाहर देखने को मिला। अक्सर मुस्तैद और वार्ड के बाहर लगी गाड़ियों को हटवाने वाले गार्ड की सुस्ती के कारण शरारती तत्वों ने बाहर खड़ी करीब 6 गाड़ियों के साइड मिरर तोड़ टायर पंक्चर कर डाले। पुलिस में शिकायत करने गए गाड़ी मालिकों को उल्टे वापस आना पड़ा। पुलिस ने नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। बाद में खुद ही टायरों में हवा भरकर किसी तरह गाड़ियों को चलने लायक बनाया।

जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम 4 बजे मॉडल टाउन निवासी अमित, सुनील, सतीश व वजीर सिंह समेत कई लोग रिश्तेदार की तबियत खराब होने पर पीजीआई लेकर आए। अमित ने बताया कि उसके नानाजी की हालत खराब हो जाने से इमरजेंसी वार्ड आए। गाड़ी बाहर ही खड़ी कर नाना को भर्ती कराया और डॉक्टर की तलाश में भटकते रहे। इस बीच कई रिश्तेदार भी अपनी गाड़ियों से आए। सबकी गाड़ियां बाहर सड़क पर ही लगी थी। रात करीब 11:20 बजे गाड़ी के पास आए तो देखा कि किसी गाड़ी का साइड मिरर टूटा था तो किसी का टायर पंक्चर हो गया था। पार्किंग में पूछने पर वहां मौजूद लोगों ने अभद्रता से बात की और कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो उन्होंने भी नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी होने की बात कह कार्रवाई से इनकार कर दिया।

वहीं इस संदर्भ में सिक्योरिटी गार्ड ने पूछने पर उन्होंने बताया कि हमारा काम गेट के सामने लगी गाड़ियों को हटाना है। इसके बाद की जिम्मेदारी गाड़ी मालिकों की है।