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  • चौथे दिन बेनकाब हुए चेहरे, गांव ले जाकर पुलिस ने कराई क्राइम सीन की निशानदेही

रोहतक गैंगरेप : चौथे दिन बेनकाब हुए चेहरे, आरोपी करना चाहते थे खुदकुशी

6 वर्ष पहले
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रोहतक. हरियाणा के रोहतक में नेपाली लड़की से गैंगरेप के 11 दिन बाद गुरुवार को पुलिस मौके पर आठों आरोपियों को लेकर निशानदेही कराने के लिए पहुंची। गुरुवार को पुलिस ने आरोपियों के चेहरे सार्वजनिक किए और उनके साथ घटनास्‍थल पर जाकर सबूत जुटाने की कोशिश की। एक आरोपी खुदकुशी कर चुका है। मामले के आठ आरोपी 17 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर हैं। पता चला है कि घटना की जानकारी मीडिया में आने के बाद आरोपी बेहद डर गए थे और सभी खुदकुशी करना चाहते थे।
पुलिस को बताई पूरी कहानी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि किस तरह उन्होंने घटना को अंजाम दिया था। 1 फरवरी को शाम पांच बजे पांच आरोपी गांव गद्दी खेड़ी के मोड़ पर ढाबे में शराब पी रहे थे। यहीं से उन्होंने हिसार रोड पर हिसार की ओर पैदल जाती नेपाली लड़की को देखा। पांचों आरोपियों के भीतर का शैतान जाग गया और नेपाली संतोष को छोड़कर शीलू, सुनील माडा, पवन और पदम लड़की की ओर बढ़े। वे उसे उठाकर पहले गांव के मोड़ पर बने कोठड़े में ले गए। इसके बाद फोन कर मनवीर, सोमबीर, सरवर और घुचडू को बुलाया। सभी ने मिलकर शराब पी। इसके बाद लड़की को डेढ़ किलोमीटर दूर दूसरे सुनसान कमरे में ले गए। देर रात छोड़ने के लिए रोड पर जाने लगे तो भेद खुलने के डर से तीनों ने लड़की को मारने की प्लानिंग बनाई और ड्रेन में फेंकने के लिए ले गए। ड्रेन में पानी होने के चलते सिर में ईंट मारकर घायल कर दिया और फिर घुचडू ने उसके जिस्म में पत्थर डाल दिए। बता दें कि ईंट मारकर ही युवती की हत्या की गई थी।
घटनास्थल से फोरेंसिक एविडेंस जुटाने के लिए एक स्पेशल एफएसएल टीम पहले ही गठित की जा चुकी है। गुरुवार को पुलिस ने पांच घंटे तक आरोपियों से घटनास्थल पर निशानदेही कराई। एफएसएल के जोनल सहायक निदेशक डॉ. रविंद्र पाल और डॉ. सरोज दहिया ने पुलिस की मदद से आरोपियों की निशानदेही और तकनीकी आधार पर जांच कर साक्ष्य जुटाए। इनमें लड़की के सिर में मारी गई ईंट, सीमेंट की चादर के टुकड़े, कपड़े जलाने से मिली राख, कंबल आदि शामिल हैं।

लड़की का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया था कि पीड़ित के नाजुक अंग के अंदर 16 सेमी तक के पत्थर मिले। पोस्टमॉर्टम के दौरान ही पता चला कि लड़की के प्राइवेट पार्ट में सीमेंट की चादर के टुकड़े, ब्लेड, लोहे की कीलें और कंडोम तक घुसाए गए थे। लड़की मानसिक रूप से बीमार थी और रोहतक में अपने बहन के यहां इलाज के लिए आई थी।