रोहतक. करौंथा के सतलोक आश्रम पर कब्जे को लेकर हुई हिंसा के बाद संत रामपाल व उनके समर्थकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हिंसा के दौरान गोली का शिकार हुई करौंथा की प्रोमिला के भाई गांव मदीना निवासी सत्यनारायण ने सदर थाने में संत रामपाल पर साजिश रचने व उनके समर्थकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
इसी को आधार बनाकर सदर थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार ने एसीजेएम अनिता दहिया की कोर्ट में याचिका लगाकर केस की जांच के लिए आश्रम के अंदर सर्च अभियान चलाने की अनुमति मांगी है। याचिका पर सुनवाई मंगलवार को होगी। उधर, रामपाल समर्थकों द्वारा एसडीएम कोर्ट की ओर से सीआरपीसी की धारा 145 के तहत जारी प्रक्रिया रोकने के लिए दायर याचिका पर भी सुनवाई मंगलवार को एडीजे जगजीत सिंह की कोर्ट में होगी।
सत्यनारायण ने बताया कि उसकी बहन प्रोमिला की शादी करौंथा निवासी कृष्ण के साथ हुई थी। रविवार को वह घर से खेत में जाने के लिए निकली। रास्ते में आश्रम की तरफ से की गई फायरिंग में एक गोली प्रोमिला के गले में लगी। जिससे उसकी मौत हो गई। उसका आरोप है कि संत रामपाल के इशारे पर अनुयायियों ने गोली चलाई है।
विवाद के निपटारे के लिए रामदेव ने रोहतक में डेरा डाला
विवाद का सर्वसम्मति से हल निकालने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। प्रदेश के शीर्ष सियासी एवं प्रशासनिक नेतृत्व से बातचीत करने के लिए योग गुरू बाबा रामदेव ने रोहतक के बाबा मस्त नाथ मठ में डेरा डाल लिया है। रामदेव ने कहा है कि वे विवाद का हल निकलने के बाद ही रोहतक छोडें़गे। देर रात रामदेव से मिलने पहुंचे रोहतक के डीसी विकास गुप्ता व एसपी विवेक शर्मा से लंबी बातचीत हुई, जिसमें मामले के संभावित हल व इससे जुड़ी कानूनी पेचीदगियों पर चर्चा हुई। इससे पहले रामदेव ने आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी बलदेव से मंत्रणा की। विस्तृत पेजत्न२ पर
रामपाल समर्थकों की याचिका पर भी सुनवाई आज
आश्रम की जमीन की खेवट में हिस्सेदार महिला कमला देवी की ओर से सदर थाने में शिकायत दी थी कि उसकी जगह दूसरी महिला खड़ी करके जमीन की खरीद फरोख्त हुई है। ऐसे में सतलोक आश्रम रामपाल को न सौंपा जाए। इस पर पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर कर आश्रम पर सिविल अधिकारी रिसीवर के तौर पर नियुक्त करने की मांग की।
इसी बीच पानीपत के गांव अटावला निवासी अनिल ने सदर थाने में केस दर्ज कराया कि आश्रम में उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस की याचिका पर एसडीएम कोर्ट ने याचिका पर रामपाल समर्थकों के खिलाफ समन जारी कर दिए। इस कार्रवाई को रोकने संबंधी रामपाल समर्थक भठगांव निवासी राजेंद्र सिंह की याचिका पर एडीजे जगजीत सिंह की कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी।
नहीं बख्शेंगे दोषियों को: डीजीपी
करौंथा हिंसा के लिए असामाजिक तत्व दोषी हैं, ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। असामाजिक तत्वों ने रविवार को बड़े पैमाने पर पुलिस पर अवैध हथियारों से गोली चलाई, जिसके कारण भीषण खून खराबा हुआ। पुलिस को झगड़े की पहले से आशंका थी।
इसी के चलते करीब डेढ़ हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। हालात के आकलन में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। सोमवार को किसी तरह की हिंसक घटना नहीं हुई। विवाद को प्रशासनिक, कानूनी व सामाजिक ढंग से निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी पक्षों से बातचीत की जा रही है। उम्मीद है कि
विवाद का निपटारा जल्द हो जाएगा।
जैसा कि हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसएन वशिष्ठ ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया।