पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

उत्तरपुस्तिका घोटाले में नया खुलासा, इंजीनियरिंग कॉलेजों के 2 शिक्षक गिरफ्तार

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रोहतक. महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) के बहुचर्चित उत्तरपुस्तिका घोटाले में दो इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों का नाम सामने आया है।
दिल्ली रोड स्थित मातूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक तेजेंद्र और सोनीपत स्थित चिढ़ाना गांव के रॉयल इंस्टीट्यूट के शिक्षक रवींद्र कुमार ने छात्रों से पैसे लेकर एमडीयू की गोपनीय शाखा से उत्तरपुस्तिकाएं बाहर निकलवाई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी।
अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी एवं पुलिस की विशेष टीम (एसआईटी) के सदस्य जयनारायण ने बताया कि केस की जांच में अब तक 20 छात्रों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से तीन छात्रों ने खुलासा किया कि अंक बढ़वाने के लिए उन्होंने शिक्षक तेजेंद्र व रवींद्र कुमार से संपर्क किया।
बातचीत तय होने पर दोनों ने 56 हजार रुपए लेने के बाद गोपनीय शाखा से पांच उत्तरपुस्तिका लाकर दे दी। तीनों छात्रों ने नए सिरे से प्रश्न हल किए और वापस गोपनीय शाखा में जमा करवाने के लिए उक्त शिक्षकों को दे दी। ये उत्तरपुस्तिकाएं जब तक विवि की गोपनीय शाखा में जमा हो पाती, इससे पहले ही मामले का भंडाफोड़ हो गया।
बता दें कि दो फरवरी को विवि की गोपनीय शाखा की छत पर 2191 उत्तर पुस्तिका संदिग्ध हालात में मिलीं। एक सप्ताह तक विवि प्रशासन ने मामले की जांच कर केस पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने सबसे पहले विवि के सुरक्षाकर्मी यशवंत सिंह को उत्तरपुस्तिका चोरी करने का केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। उसके खुलासे पर गोपनीय शाखा अधीक्षक सुरेंद्र मराठा व क्लर्क सुनील कुमार को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
अधीक्षक, क्लर्क व सुरक्षागार्ड की रिमांड अवधि पूरी
उत्तर पुस्तिका घोटाले में गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड यशवंत सिंह, गोपनीय शाखा अधीक्षक सुरेंद्र मराठा व क्लर्क सुनील कुमार की रिमांड अवधि बुधवार को पूरी हो रही है। जांच अधिकारी का कहना है कि छह दिन के रिमांड के बावजूद कुछ सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। ऐसे में तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दोबारा रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा।
गुड़गांव व जींद के छात्रों के बयान दर्ज
उत्तरपुस्तिका घोटाले में मंगलवार को भी छात्रों के बयान दर्ज करने का सिलसिला चलता रहा। एसआईटी ने गुड़गांव व जींद से आए चार छात्रों के बयान दर्ज किए। गुड़गांव से आए छात्र ने पुलिस को बताया कि उसे नहीं पता कि उसकी उत्तरपुस्तिका गोपनीय शाखा से बाहर कैसे आई। अंक बढ़ाने के लिए किसी से संपर्क के सवाल पर छात्र खामोश हो गया।
तार जोड़ने में जुटी पुलिस
पुलिस मामले में अब तक विवि के तीन कर्मचारियों व दो शिक्षकों को गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तर पुस्तिका घोटाले में मंगलवार को गिरफ्तार हुए शिक्षक तेजेंद्र व रवींद्र का पहले से गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड यशवंत सिंह, अधीक्षक सुरेंद्र मराठा व क्लर्क अनिल कुमार से कोई संबंध है या नहीं। इस बारे में जांच टीम कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं है। जांच अधिकारी जयनारायण वर्मा का कहना है कि सुरक्षागार्ड यशवंत सिंह पक्के तौर पर कुछ नहीं बता रहा है। आगे जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।