रोहतक. कांग्रेस समर्थित पार्षदों व सीवर ठेकेदार तरुण गुप्ता के बीच ठन गई है। मंगलवार को पार्षदों ने सीवर जाम की समस्या को लेकर 3 घंटे हंगामा किया और अब लिखित शिकायत विधानसभा की पीठासीन कमेटी को फैक्स की है। शिकायत मिलने पर कमेटी ने 5 फरवरी को डीसी और जन स्वास्थ्य विभाग के वितायुक्त को तलब किया है। ठेकेदार का कहना है कि पार्षद शोर मचाकर व्यक्तिगत लाभ चाहते हैं।
बुधवार दोपहर 12 बजे नगर निगम के डिप्टी मेयर अशोक भाटी के कार्यालय में कांग्रेस समर्थित पार्षद गुलशन ईश पुनियानी, अनिता मिगलानी, पूनम किलोई के पति सूरजमल किलोई, संजय सैनी, अनिल कुमार व निर्दलीय पार्षद नीरा भटनागर के पति नरोतामल भटनागर एकत्रित हुए। सभी ने ठेकेदार की शिकायत विधानसभा की पीठासीन कमेटी को भेजने का निर्णय लिया।
ये लिखा है पत्र में
पार्षदों ने लिखा है कि शहर में गोहाना रेलवे लाइन से पुराने शहर के हिस्से में सफाई का ठेका तरुण गुप्ता को दिया गया है। इसमें 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 तक का ठेका 1 करोड़ 10 लाख, अप्रैल 2013 से मार्च 2014 तक का ठेका 1 करोड़ 16 लाख व अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2015 तक का ठेका 1 करोड़ 24 लाख रुपए में दिया गया है। ठेकेदार से संबंधित एरिया में सीवरेज व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। इस कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। जब ठेकेदार से शिकायत करते हैं तो वह अभद्र व्यवहार करता है। ऐसे में ठेकेदार को हटाया जाए।
अधिकारियों से बात करेंगे
विधानसभा की पीठासीन कमेटी के चेयरमैन एवं विधायक भारत भूषण बतरा से बात की गई तो उन्होंने केवल इतना कहा कि अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इससे ज्यादा वे कुछ नहीं बता सकते।
फैक्स भेजा, कार्रवाई चाहिए
वार्ड नंबर 19 के पार्षद अनिल कुमार, 18 की पार्षद पूनम के पति सूरजमल व 12 के पार्षद गुलशन ईश पुनियानी ने बताया कि विधानसभा की पीठासीन कमेटी के चेयरमैन के नाम फैक्स करके ठेकेदार तरुण गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। शहर में सीवरेज व्यवस्था ठप पड़ी है और लोग परेशान हैं। आम लोगों के हित की आवाज उठाना जरूरी है, क्योंकि उन्होंने चुनकर भेजा है।
पार्षद ममता सीढ़ियों से गिरी, फ्रैक्चर
डिप्टी मेयर कार्यालय में एकत्रित पार्षदों ने वार्ड दो की पार्षद ममता रानी को फोन करके बुलाया। ममता ने बताया कि वे सुबह सीढ़ियों से नीचे उतरने लगी तो अचानक पैर फिसलने के कारण संतुलन बिगड़ गया और नीचे आ गिरी। अस्पताल में जांच कराई तो उनके दाएं हाथ में फ्रैक्चर मिला। इस कारण वे डिप्टी मेयर कार्यालय नहीं आ सकीं।
सीधी बात-तरुण गुप्ता, ठेकेदार
-भास्कर : पार्षद लगातार आपके खिलाफ शिकायत कर रहे हैं?
-ठेकेदार : कई पार्षदों ने अपने नजदीकियों को गली निर्माण के ठेके दिलवा रखे हैं। गली व सड़क बनाते समय मलबा सीवर के मेन हॉल में डाल देते हैं। अब सफाई के लिए उस पर दबाव बना रहे हैं। इस तरह वे व्यक्तिगत लाभ चाहते हैं।
-भास्कर: कौन-कौन ऐसा कर रहे हैं?
-ठेकेदार: अभी नाम लेना उचित नहीं, समय आने पर सही जगह खुलासा करुंगा।
-भास्कर: करोड़ों का ठेका होने के बावजूद सफाई नहीं हो रही है?
-ठेकेदार: मैं तो अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहा हूं।
-भास्कर: आपका नाम सत्ता पक्ष के एक करीबी व्यक्ति से जोड़कर लिया जाता है?
-ठेकेदार: ऐसा कुछ नहीं है। बेवजह शोर मचाया जा रहा है। शहर में सीवरेज का ठेका लेने के लिए कोई तैयार नहीं था। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के आग्रह पर उसने ठेका लिया था।
-भास्कर: अब आपका ठेका रद्द कर दिया गया तो?
-ठेकेदार: अगर मैंने कोई गलती की है तो कार्रवाई के लिए तैयार हूं।
ठेकेदार के नियंत्रण से मुक्त होंगे कर्मचारी
नगर निगम में ठेके पर कार्यरत 500 सफाईकर्मी अब ठेकेदार के नियंत्रण से मुक्त होंगे। कर्मचारियों का 8100 रुपए वेतन जनवरी माह से सीधा बैंक में आएगा। इनकी हाजिरी अब बॉयोमेट्रिक मशीन द्वारा लगेगी। निगम प्रशासन ठेकेदार को केवल सर्विस चार्ज ही देगा। सफाई व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन ने शहर को तीन सेक्टर में बांटा गया है, जहां 300 पक्के व 500 के करीब ठेके पर सफाई कर्मी कार्यरत हैं। अब तक ठेके पर लगे कर्मियों का वेतन पहले ठेकेदार के खाते में जाता है, जहां से वह उन्हें वितरित करता है। गोहाना रैली में मुख्यमंत्री ने ठेका प्रथा खत्म करने की घोषणा की थी। इसी के चलते निगम में ठेके पर लगे कर्मियों को 8100 रुपए प्रति माह वेतन देने का निर्णय लिया है। अब वेतन ठेकेदार के खाते में न जाकर सभी कर्मियों के बैंक अकाउंट में जाएगा।