रोहतक | गैंगरेप के बाद नेपाली युवती की निर्मम हत्या करने के मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों को मंगलवार को एसआईटी ने अदालत में पेश किया। आरोपियों से केस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य व सबूत जुटाने का हवाला देते हुए एसआईटी ने आरोपियों को दस दिन की रिमांड पर भेजने की अर्जी लगाई, लेकिन कोर्ट ने आरोपियों को आठ दिन की रिमांड पर भेज दिया।
एसआईटी प्रभारी डीएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में सीआईए-वन की टीम ने मंगलवार को नेपाली युवती हत्या के मामले के आरोपी गद्दी खेड़ी गांव निवासी पदम, मनबीर, सरवर, राजेश, सुनील, पवन, सुनील व नेपाली मूल के आरोपी संतोष को कड़ी सुरक्षा के बीच सिविल जज अमनदीप की कोर्ट में पेश किया।
एसआईटी ने हवाला दिया कि आरोपी युवती को जिस वाहन पर बैठाकर ले गए तथा जिन
मोबाइलों से उनका संपर्क हुआ इसकी रिकवरी करनी है। साथ ही मृतका के नाक-कान के आभूषणों के बारे में जानकारी के साथ घटना से जुड़े अन्य तथ्य व सबूत जुटाने हैं, इसलिए आरोपियों को दस दिन की रिमांड पर भेजा जाए। इस पर अदालत ने सभी आरोपियों को आठ दिन के रिमांड पर भेज दिया। दरिंदगी दिखाने वाले युवक देखने में कैसे हैं, यह देखने के लिए अदालत परिसर में लोगों का तांता लग गया।
कोई भी वकील नहीं करेगा आरोपियों की पैरवी
उधर, घटना को देखते हुए जिला बार एसोसिएशन ने आरोपियों का बहिष्कार करते हुए पैरवी न करने का फैसला लिया। प्रधान लोकेंद्र फौगाट के नेतृत्व में हुई बार एसोसिएशन की बैठक में यह घोषणा की गई। बार के जनरल सेक्रेट्री संजीव बत्तरा ने बताया कि नेपाल की युवती के साथ आरोपियों ने घिनौना अपराध किया है, इसलिए बार का कोई भी वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। बैठक में उपप्रधान रिंकू भटनागर, सहसचिव मेघा मुदगिल, लाइब्रेरियन जयवीर सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।
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