रोहतक. हड़ताल के दौरान मैन पावर की किल्लत से जूझ रहे बिजली निगम के अधिकारियों ने आईटीआई व वीटीआई बेरोजगारों से आवेदन मांगे थे। कहा गया था कि हड़ताल पर गए कच्चे कर्मियों को हटाया जाएगा। सूची जारी करने की बात कहकर आवेदकों को सोमवार को बुला भी लिया, लेकिन एसई कार्यालय पहुंचे बेरोजगारों से अधिकारियों ने सीधे मुंह बात तक नहीं की।
अफसरों ने संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया तो युवकों ने सुबह ११ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक जमकर हंगामा किया। वहीं, एसई एसएन शर्मा का कहना है कि सिर्फ सहयोग के तौर पर आवेदन मांगे थे। अगर आवेदक इसे नौकरी मान बैठे तो यह उनकी गलत धारणा है। हां, अगर उनसे सहयोग लिया जाता तो उनसे तकनीकी काम लिया जाता।
21 जनवरी से शुरू हुई राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बिजली निगम का सारा प्रबंधन ध्वस्त हो गया। बिजली 48 घंटे गुल रही तो जनता सड़क पर आ गई। हालात काबू करने के लिए निगम के आला अधिकारियों ने हड़ताल पर गए कच्चे कर्मचारियों को हटाने और उनके स्थान पर आईटीआई व वीटीआई से तकनीकी कोर्स या डिप्लोमा लिए युवकों की मदद लेने की घोषणा कर दी। 250 से अधिक युवकों ने 23 जनवरी को एसई कार्यालय में आवेदन जमा करा दिए। 27 जनवरी को सूची जारी करने की बात कहकर सभी आवेदकों को बुलाया गया।