रोहतक. अवैध गर्भपात केंद्रों व अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नेटवर्क के खेल में अपनाए जा रहे तरीकों का खुलासा होने से स्वास्थ्य विभाग भी सांसत में है। जांच में सामने आया है कि मात्र 30 से 35 हजार रुपए में एक बेटी की जिंदगी का सौदा हो जाता है। इसमें अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों व अवैध गर्भपात केंद्रों के साथ-साथ एजेंट का भी हिस्सा होता है। गर्भ में मौजूद लिंग बताने के लिए कोड निर्धारित थे।
ऐसे चलता था खेल : स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों व अवैध गर्भपात केंद्रों के बीच सारा खेल एजेंट्स के माध्यम से चलता है। तय 35 हजार में 15 हजार रुपए तक का सौदा अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक और बाकी गर्भपात केंद्र व एजेंट के बीच रहता है और एक खुलासा ये भी हुआ है कि अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक बेटी होने पर लक्ष्मी कोड वर्ड से बुलाते थे।
लिंग जांच और अवैध गर्भपात केंद्रों के बीच चल रहे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
डा. कुलदीप सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन, जांच अधिकारी।
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