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परीक्षा में कम अंक आने पर छात्राएं बोली: विवि ने बिगाड़ दी म्हारी अंग्रेजी

7 वर्ष पहले
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रोहतक। दोबारा पेपर जांचने की मांग पर अड़ी छात्राओं ने सोमवार को राजकीय महिला महाविद्यालय में जमकर बवाल किया। दरअसल छात्राएं अंग्रेजी में कम अंक आने से आक्रोशित थी। जिसको लेकर उन्होंने साढ़े तीन घंटे तक कुलसचिव कार्यालय का घेरे रखा। मामले को हल्के में लेते हुए कुलसचिव डॉॅ. एसपी वत्स ने उन्हें आश्वासन दिया, लेकिन छात्राएं लिखित आश्वासन के रुख पर अड़ी रहीं।
इस पर उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने के लिए कहा गया जिसपर छात्राएं भड़क गईं, और कुलसचिव से माफी मांगने पर जिद ठान ली। करीब सवा घंटे तक चले इस हंगामे के बाद कुलसचिव को झुकना पड़ा और आखिर में सार्वजनिक माफी मांगकर छात्राओं को तीन दिन में समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
70 छात्राओं की अंग्रेजी में ही री-अपीयर

हुआ यूं कि राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने बीए चौथे सेमेस्टर की परीक्षा दी। 12 सितंबर को इस परीक्षा का परिणाम आने के बाद छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। 70 छात्राओं की सिर्फ अंग्रेजी के पेपर में ही री-अपीयर दी गई है। इसके चलते उनकी प्रतिशत नहीं बन पा रहा है। इस समस्या को लेकर कई बार प्रिंसिपल से मिलने के बाद भी समाधान न होने पर छात्राएं सोमवार सुबह सवा दस बजे कुलपति से मुलाकात के लिए एमडीयू पहुंची। यहां पर कुलपति के न मिलने पर छात्राओं ने कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स से मिलीं।
यहां पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने भी मिलकर समस्या सुनीं और बच्चों को जल्द उत्तर पुस्तिका की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद अचानक छात्राएं कुलसचिव के कार्यालय में पहुंची और लिखित में आश्वासन मांगा। इस पर कुलसचिव ने छात्राओं को कार्यालय से बाहर निकाल दिया तो भड़क उठीं और विवि सचिवालय के बाहर धरना देने बैठ गईं।
कुलसचिव को मांगनी पड़ी माफी
कुलसचिव करीब 15 मिनट तक छात्राओं को ज्यादती नहीं होने का आश्वासन देते रहे, लेकिन छात्राओं का कहना था कि पहले तो वे कमरे से बाहर निकाले जाने की बात पर माफी मांगे। छात्राओं के आक्रोश को देखते हुए आखिर में कुलसचिव ने माफी मांग कर अपना पीछा छुड़ाया। इसके बाद लिखित आश्वासन दिए जाने पर छात्राएं अड़ गई। बाद में राजकीय महिला महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल दलाल ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को टीम गठित कर दिए जाने की बात पर आश्वस्त किया।
छात्राओं को ये सुनाए फैसले
> अंग्रेजी पेपर की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
> तीन दिन में टीम की ओर से रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
> किसी बच्चे के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।
> विवि की वजह से दाखिला रद्द नहीं होने दिया जाएगा।
> चेकिंग में एक्जामिनर की गलती मिली तो उसपर कार्रवाई होगी।
> इसके बाद अन्य पेपर की भी जांच कराएंगे।
> मूल्यांकन का बच्चों से कोई खर्चा नहीं लिया जाएगा।
> नुकसान की भरपाई होगी।
दरवाजा पीटकर जताया रोष कुलसचिव ने बुलाई पुलिस

वहीं छात्राओं ने कुलसचिव डॉ. एसपी वत्स की बात से आक्रोशित छात्राएं करीब आधे घंटे तक नारेबाजी करती रहीं। कोई जवाब न आने पर छात्राएं कुलसचिव कार्यालय के बाहर ही डेरा जमाकर बैठ गईं और फिर कुलसचिव कार्यालय का दरवाजा पिटकर रोष जताया। हंगामा बढ़ता देख सुरक्षा कर्मियों की ओर से पीजीआईएमएस थाना से महिला पुलिस बुलाई गई। उन्हें मनाने की कोशिश की गई लेकिन छात्राएं बिना कुलसचिव के माफी मांगने पर अड़ी रहीं।
आगे क्या : समस्या आने पर प्राचार्या पर होगी कार्रवाई
अब भविष्य में इस तरह से विद्यार्थियों द्वारा हंगामा करने की पुनरावृति न हो इसके लिए कुलसचिव ने प्रिंसिपल स्तर पर ही समस्याओं का निदान करना होगा। इसके लिए हर कॉलेज के प्रिंसिपल की ओर से ही बच्चों की समस्या का समाधान करना होगा। यदि विद्यार्थी विवि तक समस्या लेकर पहुंचे तो कार्यवाही प्रिंसिपल पर भी होगी।
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