रोहतक। दिमागी रूप से विकलांग युवक से रिश्वत मांगने वाले डॉक्टर को विजिलेंस टीम ने पीजीआई कैंपस स्थित उसके आवास से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी डॉ. रविंद्र साहू वर्तमान में हांसी में एसएमओ है और दुर्घटना में घायल युवक की दिमागी चोट जांचने के लिए गठित बोर्ड का सदस्य था। इसी मामले में डॉक्टर को गवाही देने के लिए अदालत में जाना था, जिसकी एवज में रिश्वत की डिमांड रखी। विजिलेंस टीम ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
डेढ़ माह पहले बनाई थी मेडिकल रिपोर्ट
बाइक पर जा रहे डेरोली निवासी शीशपाल का जनवरी 2014 में बुकसी-डेरोली के बीच में एक्सीडेंट हो गया था। दिमाग में गहरी चोट आने के कारण उसका इलाज जयपुर के अस्पताल में चला। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी गाड़ी चालक को ट्रेस कर लिया था। दिमागी रूप से विकलांग होने का हवाला देने पर अदालत के आदेश पर पीजीआईएमएस का मेडिकल बोर्ड गठित हुआ, जिसमें डॉ. ईश्वर व डॉ. रविंद्र साहू सदस्य थे।
अब गवाही की एवज में मांगी रिश्वत
केस ट्रायल पर होने के कारण अदालत ने दोनों दोनों डॉक्टर को गवाही के लिए समन जारी किए। चार दिन पहले शीशपाल अपने परिजनों के साथ पहुंचा तो डॉ. ईश्वर ने गवाही देने के लिए अपने हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन डॉ. साहू ने शीशपाल के सामने पांच हजार रुपए की डिमांड रख दी। खुद को गरीब बताते हुए शीशपाल ने रुपए देने में असमर्थता जताई, लेकिन इसके बाद भी डॉ. साहू का दिल नहीं पसीजा।
दोस्त की शिकायत पर कार्रवाई
चार दिन चक्कर काटने के बाद भी डॉ. साहू नहीं माने तो शीशपाल ने रिश्वत देने के लिए गांव के दी अपने दोस्त मनोज से पांच हजार रुपए उधार मांगे। मनोज ने पूरे मामले की जानकारी ली और शीशपाल को पैसे देने का आश्वासन दिया। मनोज ने विजिलेंस टीम से संपर्क साधा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुलाब सिंह के नेतृत्व में विजिलेंस इंस्पेक्टर जयभगवान राणा, एएसआई वीरेंद्र, हेड कांस्टेबल जयवीर, कांस्टेबल नसीब हुड्डा व भूपेंद्र बल्हारा की टीम बनाई गई। टीम ने शीशपाल को पांच हजार रुपए देकर पीजीआई कैंपस स्थित डॉ. साहू के घर भेज दिया। डॉ. साहू ने जैसे ही रिश्वत ली, उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
चार दिन में तीन हजार रुपए बढ़ गई रिश्वत
शीशपाल के दोस्त मनोज का कहना है कि डॉ. साहू ने चार दिन पहले पांच हजार की रिश्वत मांगी, लेकिन मंगलवार को जब शीशपाल उनके पास पहुंचा तो रिश्वत पांच से आठ हजार रुपए कर दी। उसने इस दौरान बमुश्किल पांच हजार का इंतजाम होने की बात कही, जिस पर साहू ने कहा कि जितनी लेट करोगे, रुपए बढ़ते जाएंगे। मान मनौव्वल पर डॉ. साहू ने पांच हजार रुपए ही रख लिए।
डॉ.साहू बोले, फंसाया गया है
विजिलेंस कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद डॉ.साहू के परिजन भी एसपी विजिलेंस कार्यालय पहुंच गए। उन्हें देखते ही डॉ.साहू भावुक हो गए और कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। इस पर परिजनों ने भी कहा कि वे जानते हैं कि कुछ लोग उनके पीछे पड़े हैं।