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युद्ध हमेशा जीते, समझौतों में हारे

8 वर्ष पहले
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रोहतक. युद्ध हमेशा जीते हमने समझौतों में हार गएञ्ज और क्रअब तो लगता है कि भारत में चंडी का जन्म होगा, परिवर्तन तो होगा लेकिन खूनी संघर्ष होगाञ्ज। क्रांतिकारी कवि राजवीर सिंह और हास्य व व्यंग्य कवि योगेंद्र मुदगिल ने जब देश की मौजूदा स्थिति व मॉडर्न प्रेम पर चटपटे व्यंग्य सुनाए तो हंसी के ठहाके फूट पड़े।

मौका रहा, गुरुवार शाम 8:30 बजे, सेक्टर 2 के कम्युनिटी सेंटर में स्वर्णकार समाज द्वारा महाराजा चिंतन सम्मेलन के अंतिम दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर एक शाम नेता जी के नाम कार्यक्रम का। इसमें देश भर से पहुंचे कवियों ने अपनी हास्य कविताओं से परिसर में बैठे श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। यहां पहुंचे 9 कवियों युसुफ भारद्वाज, गोपाल कृष्ण विद्यार्थी, सुधा शुद्धि, चरणजीत चरण, राजवीर सिंह क्रांतिकारी, योगेंद्र मुदगिल ने राजनीति, टूटते रिश्ते व ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर गजल और हास्य व्यंग्य कविता पेश कर खूब वाहवाही बटोरी। मनोरंजन का आलम यह रहा कि करीब तीन घंटे तक चले इस मुशायरे में हर एक नगमे के बाद तालियों की गडग़ड़ाहट से बार बार परिसर गूंजता रहा।