वार्ड स्तर पर सर्वे करें अधिकारी, प्रशासन को नहीं पता कहां-कहां जमीन

8 वर्ष पहले
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रोहतक. नगर निगम की करोड़ों रुपए की जमीन पर भू-माफिया ने कब्जा कर रखा है, लेकिन निगम के अधिकारियों को भनक तक नहीं। अब जमीन का पता लगाने के लिए निगम के अधिकारी वार्ड स्तर पर सर्वे करेंगे। गुरुवार को निगम कार्यालय में डीसी एवं निगम आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल ने भू शाखा के अधिकारियों को दो टूक आदेश दिए।

एक सप्ताह पहले निगम आयुक्त ने भू-शाखा के अधिकारियों से जमीन का रिकार्ड तलब किया, लेकिन शाखा के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। गुरुवार को डीसी निगम कार्यालय पहुंचे और अवैध निर्माण का नोटिस मिलने वाले 80 लोगों से उनका पक्ष सुना। किसी को एक तो किसी को दो सप्ताह में नक्शे में संशोधन या अवैध हिस्सा गिराने की हिदायत दी। इसके बाद निगम आयुक्त ने नगर निगम के कार्य की समीक्षा की।

उन्होंने ग्रामीण और शहरी पार्कों का बेहतर रखरखाव, अवैध कब्जे हटवाने, रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करने, जरूरत की जगह स्ट्रीट लाइट लगाने, निगम की संपत्ति का नवीनीकरण करने का आदेश दिया। साथ ही नगर निगम के उच्चाधिकारियों को प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी का काम निश्चित करने, पुरानी व अनावश्यक रिकार्ड का हटाने, विभिन्न प्रकार के एरियर की रिकवरी सुनिश्चित करने, अनधिकृत व्यवसायिक संस्थानों को नियमित करने की संभावनाओं के बारे में चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


इस बैठक में संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान, डिप्टी आयुक्त वाईएस गुप्ता, सहायक जिला योजनाकार केके वाष्र्णेय, डीआईओ मनीश गुप्ता, एक्सईएन एसई सचदेवा, एलओ नीरज भारद्वाज व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


15 दिन में बंद हो पॉलीथिन का निर्माण, बिक्री और उपयोग
बैठक में डीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जिले में 15 दिनों के अंदर-अंदर पॉलीथिन व पॉलीथिन से निर्मित वस्तुओं के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए। उन्होंने आम लोगों का भी आह्वान किया कि वे पॉलीथिन से बनी वस्तुओं की जगह कागज व जूट से बनी वस्तुओं का उपयोग करें।