रोहतक. सिंहपुरा कलां गांव में प्रेम
विवाह का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें गांव की पंचायत ने दोनों युगलों को गांव से निकालने का फैसला सुना दिया। विधवा शालू ने गांव के एक लड़के से शादी कर ली, जो गांववालों को रास नहीं आया। दोनों के परिजनों ने भी उन्हें परिवार से बेदखल कर दिया। पुलिस ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि वे कानून को हाथ में न लें।
शालू ने तीन दिन पहले सदर थाने में शिकायत दी कि 21 जून 2014 को उसके पति कालूराम की मौत हो गई। इसके बाद वह गांव में ही बहन के घर रहने लगी। उसके पति जयभगवान की नीयत ठीक नहीं है। वह उनके साथ नहीं रहना चाहती। लेकिन दबाव बनाने के लिए देवर ने उसके दोनों बच्चों को अपने पास रख लिया। इसी बीच उसे गांव के युवक विकास से प्रेम हो गया। 24 सितंबर को दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में दोनों ने शादी कर ली। पंचायत के फरमान के बाद लड़के के पिता महाबीर सिंह ने अपने बेटे व महिला के देवर जयभगवान भाभी शालू को बेदखल कर दिया।
थाने में पहुंचे ग्रामीण। साथ में महिला के पिता व देवर।