दादी को गोदी में लेकर किया एम्बुलेंस का इंतजार
नागरिकअस्पताल को कभी मेडिकल कॉलेज में बदलने तो कभी 300 बेड का किए जाने की बात अधिकारियों द्वारा की जा रही है, परंतु धरातल पर मरीज को जिस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उस पर संज्ञान लेना उचित नहीं समझा जा रहा है।
मरीज की जान बचाने में अहम कड़ी साबित होने वाली नागरिक अस्पताल की एम्बुलेंस सेवा जवाब देने लगी है। एम्बुलेंस की कम संख्या जहां परेशानी का कारण बन रही है, वहीं जो एम्बुलेंस हैं वह भी मरीज को धीरे-धीरे अस्पताल ले जा पा रही हैं। शुक्रवार को एम्बुलेंस सेवा मिलने से बैंयापुर खुर्द की एक 95 साल की बुजुर्ग महिला भगवानी देवी अपने पोते की गोदी में डेढ़ घंटे तक दर्द से कराहती रही। महिला को गंभीर देखकर चिकित्सकों ने खानपुर मेडिकल कॉलेज रैफर किया था। परंतु बाहर उसे अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं मिली। अस्पताल के बेड़े में शामिल सभी एम्बुलेंस फील्ड में थी। दर्द से कराह रही महिला के पोते ने बताया कि एम्बुलेंस के लिए कई बार 102 पर संपर्क किया गया, परंतु जवाब मिला एम्बुलेंस नहीं है। बता दें कि 10 एम्बुलेंस जो कंडम कर देनी चाहिए थीं, वह भी सड़क पर दौड़ाई जा रही है।
{एम्बुलेंस सेवा दे रही है मरीजों को दर्द, घंटों तक करना पड़ता है इंतजार
सोनीपत . एबुलेंसका इंतजार करते दादी पोता।