पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • डाॅक्टर की पढ़ाई के 5 साल बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं, चिंता बनी कि कहीं 12वीं पास रह जाएं

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

डाॅक्टर की पढ़ाई के 5 साल बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं, चिंता बनी कि कहीं 12वीं पास रह जाएं

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
करीबपांच साल की कड़ी मेहनत, 12 लाख रुपए खर्च करने के बाद जब छात्राओं एवं उनके अभिभावक इस इंतजार में थे कि जल्द ही उनके नाम के आगे आयुर्वेदिक डाक्टर लिखा जाएगा, लेकिन ऐसा हो नहीं हो पा रहा है। बेटियों की पढ़ाई उन्हें अब व्यर्थ में जाती हुई नजर रही है, क्योंकि उनके कोर्स को मान्यता नहीं मिल रही है।

भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर के अंतर्गत आने वाले आयुर्वेद कॉलेज की इन छात्राओं को विवि प्रशासन की ओर से हर बार समस्या का शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन सिर्फ समय बीतने के अलावा कुछ नहीं हो रहा। इस व्यवस्था से निराश हो चुकी छात्राओं ने घोषणा कर दी है यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो अब वे हड़ताल करने को मजबूर होंगी। इस काेर्स के लिए प्रति छात्रा से करीब डेढ़ लाख रुपए की प्रति साल वसूली होती है।

^विद्यार्थी परेशान हो, उनकी डिग्री व्यर्थ नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में विवि बेहद मजबूती से अपना पक्ष रखेगा। वे अपनी इंटर्नशिप पर ध्यान लगाए।\\\'\\\'आशा कादियान,कुलपति, बीपीएस महिला विवि, खानपुरकलां।

^हमारा पूरा ध्यान पढ़ाई पर है, लेकिन अब भविष्य से खिलवाड़ होता दिख रहा है तो मजबूरन हमें एक बार फिर से हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ेगा। हड़ताल इस बार झूठे आश्वासन पर नहीं खोली जाएगी।’’संजू, छात्रा

^विद्यार्थियों की समस्या जायज। हम भी उनके साथ हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस किया जा रहा है, जिसमें हमारे वकील विद्यार्थियों के साथ कल कोर्ट जा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन आश्वस्त है कि विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन होगा। इंटर्नशिप में भी कोई परेशानी नहीं।’’केवी सिंह,प्रिंसिपल एमएसएम इन्स्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद।

^हम हरियाणा सरकार से विनम्र अपील करते हैं कि वह अपनी बेटियों की चिंता करे, क्योंकि पांच साल की मेहनत के बाद भी उनके कोर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं होना यह बताता है कि उनके साथ धोखा हुआ है। जिसकी सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।’’आरती, छात्रा।

^यह विद्यार्थियों के साथ एक तरह से विश्वासघात है। जब विवि के पास कोर्स चलाने की अनुमति थी ही नहीं थी तो क्यों बार-बार उन्हें गुमराह करते हुए हर साल फीस वसूली गई। मौजूदा हालात को लेकर वे और उनका परिवार काफी चिंतित है, लेकिन विवि की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।’’सुजाता, छात्रा।

छात्राओं के मुताबिक उन्होंने 2011-12 के सत्र में विवि के एमएसएम इन्स्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा में बीएएमएस में दाखिला लिया। इससे पूर्व आयुष की ओर से सीसीआईएम द्वारा कॉलेज का निरीक्षण हुआ, जिसमें पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण मान्यता को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद भी संस्थान में दाखिले हुए। यहीं से छात्राओं की परेशानी शुरू हुई। एक बार फिर संस्थान का निरीक्षण किया गया, लेकिन तब भी खामियां दूर नहीं की जा सकीं। मामला कोर्ट में गया और 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने दाखिले रद्द कर दिए। छात्राओं के मुताबिक उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई। विवि प्रशासन से जब भी सवाल किया जाता तब ही यही कहा जाता कि जल्द ही सब ठीक होगा। इस साल दिसंबर में छात्राओं की इंटर्नशिप भी पूरी हो जाएगी, लेकिन छात्राओं को आयुष की ओर से सेंटर अब तक नहीं जिस कारण छात्राओं को डर सता रहा है कि उनके पांच साल की मेहनत के बाद भी कहीं उनकी पढ़ाई महज 12वीं तक ही सीमित होकर रह जाए।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- व्यक्तिगत तथा पारिवारिक गतिविधियों में आपकी व्यस्तता बनी रहेगी। किसी प्रिय व्यक्ति की मदद से आपका कोई रुका हुआ काम भी बन सकता है। बच्चों की शिक्षा व कैरियर से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य भी संपन...

    और पढ़ें