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  • आईजीएमसी में खानापूर्ति बना एमसीआई का औचक निरीक्षण

किसी को भी बना दो मरीज, रिकॉर्डिंग करनी है

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज, शिमला। अरे! किसी को पकड़ कर ही क्लीनिक में बैठा दो। इतना सुनने के बाद डॉक्टरों ने एक दो मरीजों को पकड़ कर आंखों का मरीज बनाकर क्लीनिक में बैठा दिया। इसके बाद कैमरे में रिकार्डिंग शुरू हुई। कैमरा ऑन होने के बाद अस्पताल का निरीक्षण करने आई एमसीआई के अधिकारी ने क्लीनिक मे एंट्री की। इस तरह एमसीआई की टीम के इंस्पेक्टर ने आईजीएमसी अस्पताल की ओपीडी का निरीक्षण किया। ऐसा एक क्लीनिक में नहीं किया गया। इस तरह की नाटकीय निरीक्षण तीन से चार आखों केक्लीनिक में स्टाफ न मिलने के दौरान किया गया।

अधिकारी ने साथ में चले डॉक्टरों से कहा कि किसी को भी पकड़ कर बैठा दो, और कोई एक डॉक्टर मशीन को ऑपरेट कर लो। इस तरह से एमसीआई की टीम ने निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति ही की। पूरा दिन रही भागदौड़ टीम के अचानक अस्पताल में पहुंचने के बाद आईजीएमसी में शुक्रवार की सुबह डॉक्टरों से लेकर अन्य कर्मचारी सभी दौड़ भाग करते नजर आए, कोई अपने कैबिन को साफ कर रहा था तो कोई लैब को दुरुस्त कर रहा था, क्योंकि मेडिकल काउंसिल ऑफ
इंडिया (एमसीआई) की टीम सुबह ही अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने अचानक पहुंच गई थी। एमसीआई की दो सदस्यीयी टीम आते ही निरीक्षण में जुट गई।

मेडिकल कॉलेज की लैबोरेट्री, क्लासरूम और दस्तावेज चेक किए। अस्पताल में सुविधाओं सहित व्यवस्था की जांच की। टीम के आने के कारण शुक्रवार को आईजीएमसी का माहौल अन्य दिनों से काफी अलग था।
जबरदस्ती खड़े किए मरीज एमसीआई का अधिकारी जब मेडिसिन ओपीडी की जांच कर रहा था तो इस दौरान कुछेक काउंटर बिलकुल खाली थे। इसे देख इंस्पेक्टर ने साथ में चले डॉक्टरों को कहा कि इतने मरीज बैठे हैं कुछेक को यहां लाकर खड़ा कर दो। डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर के कहने मुताबिक मरीजों को बुला कर काउंटर पर खड़ा कर दिया। उसके बाद उसे कैमरे में कैद किया गया। मरीज भी डॉक्टरों की इस हरकत से हैरान नजर आ रहे थे।

आज भी होगा निरीक्षण : एमसीआई की टीम शनिवार को भी आईजीएमसी का निरीक्षण करेगी। शुक्रवार को टीम ने आईजीएमसी का इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया है। आईजीएमसी के प्रिंसिपल डॉ एसएस कौशल ने बताया कि मेडिकल काउंसिल की टीम शनिवार को भी आईजीएमसी में ही रहेगी। इस दौरान रिकार्ड चेक किया जाएगा।

माइक्रोबायोलॉली बायोलॉजी लैब खस्ता : मेडिकल कॉलेज में स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब की हालत काफी खस्ता हाल में नजर आई। एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान काफी खामियां नजर आई। माइक्रोबायोलॉजी की लैब की हालत तो ऐसी थी कि जैसे यहां पर कभी स्टूडेंट आए ही न हों। लैब में चारों और गंदगी फैली हुई थी।

छुट्टी से वापस बुलाए : टीम के आने की सूचना सुबह ही मिली, इसके बाद आईजीएमसी प्रशासन ने आनन फानन में छुट्टी पर गए कर्मचारियों और डॉक्टरों को वापस बुला लिया। टीम के आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल में कई डॉक्टर और कर्मचारी छुट्टी पर थे, लेकिन जो आ सकते थे उन्हें तत्काल अस्पताल आने को कहा गया।

नहीं दिखी असुविधा : अस्पताल में मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को बैठने के लगाए गए बेंच टूटी-फूटी हालत में हैं। शुक्रवार को अस्पताल के निरीक्षण के लिए आई एमसीआई की टीम भी इसी रास्ते से ओपीडीज में गई, लेकिन इस और किसी का ध्यान नहीं गया। मरीजों के लिए कैसे व्यव- स्थाएं यह भी टीम को देखना चाहिए था।

दस्तावेज भी चेक किए : एमसीआई की टीम ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में तैनात किए गए डॉक्टरों का पूरा रिकॉर्ड चेक किया है। टीम ने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद सभी डॉक्टरों के दस्तावजों को मंगवा कर उनकी जांच की। एमसीआई की टीम ने पूरा दिन रिकार्ड चेक किया।


एमसीआई इसलिए करती है निरीक्षण : आईजीएमसी में वर्ष 2009 में एमबीबीएस की 65 सीटों को बढ़ा कर 100 कर दिया गया था। इसके बाद आईजीएमसी में प्रोफेसरों और अन्य स्टाफ की स्थिति को देखने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम हर साल आती है। एमसीआई की टीम पांच वर्षों तक मेडिकल काउंसिल की टीम औचक निरीक्षण करती है। आईजीएमसी में नियमों के मुताबिक सुविधाएं हैं भी कि नहीं इसका जांच की जाती है। नियमों के अनुसार पूरी सुविधाएं न होने पर सीटों का कोटा कम कर दिया जाता है।


मरीजों की कतार: डॉक्टर्स टीम के साथ इस दौरान मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थी। कुछ मरीज तो एक घंटे से लाइन में लग कर अपने उपचार होने के इंतजार कर रहे थे। सुन्नी से आए मरीज प्रेम लाल की हालत काफी गंभीर थी, उसके साथ आए तीमारदार मोहन लाल उसे स्ट्रेचर पर लेकर डॉक्टर से चेक करवाने लाया, लेकिन उसे भी लंबी लाइन में करीब 40 मिनट से अधिक इंतजार करना पड़ा, उसके बाद मिन्नतें करने के बाद उसे चेक किया गया।

(photo: आई क्लीनिक में मिनटों में ही बदल गया नजारा)