बीबीएन में होती है टैक्स की चोरी
बीबीएनमें सबसे अधिक टैक्स चोरी होता है। टैक्स चोरी होने से सरकार को राजस्व नहीं मिलता। प्रशासन, पुलिस, आबकारी एवं कराधान विभाग, परिवहन विभाग आदि महकमों ने जब कभी क्षेत्र में टैक्स चोरी करने वालों पर कार्रवाई की है तो करोड़ों रुपए का राजस्व सरकार के कोष में जमा करवाया है।
पड़ोसी राज्यों पंजाब हरियाणा की सीमाओं से सटा होने के चलते टैक्स चोरी बढ़ गई है। बीते वर्ष बद्दी में आबकारी एवं कराधान विभाग के एक उद्योग पर छापेमारी पर यह खुलासा हुआ है कि उन्होंने अपना गोदाम पड़ोसी राज्य हरियाणा में बनाया था, जिससे करोड़ों की टैक्स चोरी की जा रही है।
एक्साइज डिपार्टमेंट का सबसे कम रिकवरी रेट है, जो कि हिमाचल में मात्र तीन फीसदी है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने विभाग के अधिकारियों को एक दूसरे के क्षेत्र में कार्रवाई करने की खुली छूट दे रखी है। आदेश जारी होने के बाद धड़ल्ले से अधिकारियों ने एक दूसरे के क्षेत्रों में कार्रवाई की, लेकिन धीरे धीरे यह कार्रवाई अब शिथिल पड़ गई है। वहीं कई विभागों की शिथिलता भी टैक्स चोरी करने वालों को बढ़ावा दे रही है। बीबीएन क्षेत्र में आबकारी एवं कराधान विभाग ने कई वाहनों पर बिना दस्तावेज सामान लाने पर जुर्माना वसूला है।
डीसी सोलन मदन चौहान ने कहा कि सभी विभागों को चुस्त दुरुस्त बनाया गया है और यदि कोई कोताही बरतते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कर चोरी वालों को चेतावनी दी कि वह अपना टैक्स समय पर जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एक्साइज कमिश्नर जेसी चौहान ने कहा कि एक्साइज के अधिकारियों को टैक्स चोरी करने वालों पर कड़ी नकेल कसने की हिदायतें पहले ही जारी की हुई हैं, वहीं एक दूसरे के क्षेत्र में भी औचक निरीक्षण का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष से अब तक टारगेट से अधिक अचीवमेंट विभाग ने की है।
सरकार को जाता है सर्वाधिक ६३ फीसदी राजस्व
जिसक्षेत्र में किसी चीज की अधिकता हो, वहां पर चोरी का भी अधिक असर रहता है। यही कारण है कि पड़ोसी राज्यों पंजाब हरियाणा की सीमाओं से सटे बीबीएन में जहां सरकार को सर्वाधिक 63 फीसदी राजस्व जाता है, वहीं राजस्व चोरी भी होता है। बीबीएन क्षेत्र की सीमाओं से मिलीभगत से कर चोरी होता है और क्षेत्र में चोर रास्ते बनाए हुए हंै, जहां से वाहनों की अकसर आवाजाही