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- अपने ही घर वापस आने पर देने पड़ते हैं टोल के पैसे
अपने ही घर वापस आने पर देने पड़ते हैं टोल के पैसे
आखिर किस बात का है टोल टैक्स, सड़कों की हालत दयनीय
स्थानीय लोगों को मिले रियायत
हिमाचलके लोगों को अपने ही घर वापस आने के लिए टोल टैक्स के रूप में पैसे देने पड़ते है। बद्दी में लगे बैरियर की बात करें तो यह हिमाचल सीमा से करीब आधा किलोमीटर भीतर लगा है, जबकि इसकी सीमा बाल्द पुल के बीच में शुरू होती है। लोगों का कहना है कि लोगों के खेत अन्य कामों के लिए बैरियर के आगे जाना पड़ता है, लेकिन वापस आने पर उनसे टोल पर्ची काटी जाती है। इसलिए यह टोल बैरियर हरियाणा सीमा में लगना चाहिए। वहीं जो बैरियर लगा भी है, वह सही नहीं है, क्योंकि एनएच पर टोल बैरियर नहीं, अपितु टोल प्लाजा लगता है। संजीव, संजू, राकेश, परमजीत, विक्रमजीत, गोपाल, रविंद्र कुमार, अशोक, बलजीत अािद ने कहा कि सड़कें बदहाल है और टोल के रूप में उनसे पैसे वसूले जा रहे है।
नालागढ़| टोलटैक्स से करोड़ों रुपये के रूप में राजस्व मिलने के बावजूद जहां बीबीएन क्षेत्र की सड़कों की हालत बद से बदहाल है, वहीं लोगों को अपने ही घर वापस आने के लिए टोल के रूप में पैसे देने पड़ते है। आबकारी एवं कराधान विभाग के तहत टोल टैक्स बैरियरों को इसी शर्त पर लगाया गया था कि इससे एकत्रित धनराशि को क्षेत्र की सड़कों पर खर्च किया जाएगा। बीबीएन क्षेत्र से टोल बैरियर के रूप में मिलने वाली धनराशि को प्रदेश की अन्य सड़कों पर खर्च की जा रही है, जिससे बीबीएन क्षेत्र के लोगों में खासा रोष है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत बद्दी, बरोटीवाला ढेरोंवाल यूनिट के तहत करीब एक दर्जन टोल बैरियर आते हैं। इसमें बद्दी, बरोटीवाला, शाहपुर, बरोटीवाला ट्रक यूनियन से जाने वाले मार्ग पर और ढेरोंवाल यूनिट के तहत ढेरोवाल, गुल्लरवाला, नवांग्राम, बघेरी (टिक्करी), रत्योड़, दभोटा बैरियर आते है। टैक्सी यूनियन नालागढ़ के प्रधान बग्गा सिंह ने सीएम के नालागढ़ दौरे के दौरान मांगपत्र में टोल टैक्स तब तक बंद करने की मांग रखी, जब तक क्षेत्र की सड़कों की दशा नहीं सुधरती है। एक्साइज कमिश्नर जेसी चौहान ने कहा आबकारी एवं कराधान विभाग तो पैसे कमाता है, लेकिन खर्च करने वाला महकमा दूसरा है।