टैंकों अौर नलों से रोजाना पानी के सैंपल लेना शुरू, सफाई भी
155 स्कीमों से लिए जाएंगे पानी के सैंपल
आईपीएचविभागने पानी की वजह से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। विभाग ने रोजाना पानी के टैंकों और नलों से सैंपल लेने का काम शुरू कर दिया है। सभी डिविजनों के फिल्ड स्टाफ को भी निगरानी रख कर अलर्ट रहने को कहा है। फेज वाइज सभी टैंकों की सफाई भी होगी, इसकी हमीरपुर डिविजन से इसकी शुरुआत हो गई।
स्थानीय हथली खड्ड स्थित विभाग की लैब में सैंपल आने शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी तक कोई भी सैंपल नेगेटिव नहीं पाया गया है। पानी की शुद्धता मापदंडों के अनुसार निकल रही है। लेकिन फिर भी सभी सप्लाई पर कड़ी नजर रखने की हिदायत अधिकारियों ने दी है।
विभाग अपने सभी पेयजल टैंकों की एकमुश्त सफाई करवाएगा। उसके बाद इन टैंकों पर सफाई की बाकायदा तारीख लिखी जाएगी ताकि समर और रैनी सीजन से पहले समय रहते इनकी दोबारा से सफाई हो सके। नई प्लानिंग के तहत आईपीएच विभाग ने यह फैसला लिया है ताकि लोगों के बीच पानी की शुद्धता को लेकर किसी तरह का कोई डर रहे। काबिलेगौर है कि सफाई काम विभाग ठेके पर देगा। सब डिविजन वाइज यह काम करवाएगा, क्योंकि कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग ने ठेके पर यह काम करवाने का फैसला लिया। ताकि गर्मियां शुरू होने से सभी टैंकों और गैलरी की सफाई का काम पूरा हो सके।
सभी टैंकों की एकमुश्त सफाई की जाएगी
^सभीपेयजल स्कीमों से लगातार पानी की सैंपलिंग की जा रही, सैंपल ठीक पाए जा रहे। बगैर छत वाले टैंकों को छत मुहैया होगी। सभी टैंकों की एकमुश्त सफाई की जाएगी। स्टाफ कम होने की वजह से यह काम ठेके पर करवाया जाएगा। टैंक पर सफाई की तारीख लिखेंगे। नीरजभोगल, एक्सईएन आईपीएच हमीरपुर
आईपीएच विभागके हमीरपुर और बड़सर डिविजनों में करीब 155 पेयजल स्कीमें हैं। इन सब से पानी के सैंपल लिए जाएंगे। इस पर सब डिविजन स्तर पर काम होगा। इन सभी सैंपलों को जिला स्तर की लैब से भी मॉनिटर किया जाएगा। विभाग रॉ और क्लियर दोनों तरह के पानी के सैंपल ले रहा है ताकि पानी की शुद्धता को दोनों स्तरों पर ठीक ढंग से जांचा जा सके। गर्मियों का सीजन का शुरू होने से पहले ही सैंपलिंग का काम शुरू हो गया है। इसमें स्कीमों के अलावा जहां-जहां भी पानी के बड़े स्टोरेज टैंक हैँ। उन से भी हर दूसरे तीसरे दिन सैंपल लिए जाएंगे, पानी की क्लोरिनेशन भी की जा रही है।
कई स्कीमोंके टैंक अभी बगैर छत वाले मौजूद हैं। विभाग ने इनको भी छत मुहैया करवाने का फैसला लिया। काबिलेगौर है कि पंचायत स्तर पर मौजूद इन स्कीमों के कई जंगल के बीच भी बनाए गए हैं। बगैर छत वाले टैंकों के पानी को जंगली जानवर गंदा कर सकें। इसके लिए भी विभाग अब गंभीर हो गया है। हमीरपुर डिविजन से सभी एसडीओ ऐसे टैंकों की सूची देने के निर्देश जारी हो गए हैं।
हमीरपुर-आईपीएच के यह ओपन टैंक जिस पर अब डलेगी छत्त।