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एडवांस तकनीक से मशरूम उगाना सिखाएंगे

5 वर्ष पहले
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दो दर्जन किसानों को सात दिन की स्पेशल ट्रेनिंग

^एडवांसतरीके से मशरूम उत्पादन करने को लेकर दो दर्जन किसानों को सात दिन की एक स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रति किसान इस काम पर 2800 रुपए खर्च किया जाएंगे। मकसद किसानों को इस काम में दक्ष बनाना है ताकि सही तरीके से काम कर सकें। डॉ.अजीत शर्मा, डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर(आत्मा)

2800 रुपए होंगे एक किसान पर खर्च

मशरूमउत्पादनका काम सिखाने के लिए केवीके में सात दिन की ट्रेनिंग किसान को दी जाएगी। आत्मा प्रोजेक्ट प्रति किसान 2800 रुपए इस काम पर खर्च करेगा। पहले फेज में एससी कैटेगिरी से 24 किसानों को यह ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रति ब्लॉक चार किसानों का इसमें चयन किया जाएगा। सभी 6 ब्लॉक इसमें कवर होंगे। ट्रेनिंग के दौरान सात दिन किसान बड़ा में ही रहेंगे। इसके लिए 67 हजार 200 रुपए का बजट मिला है। पहली बार सिर्फ एक ही फसल पर ट्रेनिंग का फोक्स प्रोजेक्ट में हुआ है।

सिटी रिपोर्टर |हमीरपुर

जिलेमेंकिसान अब एडवांस तकनीक के जरिए किस ढंग से मशरूम उत्पादन कर सकते हैं, इसके गुर उन्हें सीखाए जाएंगे। आत्मा प्रोजेक्ट के तहत इसकी पहल होने जा रही है।

हर ब्लॉक से किसानों का चयन कर उन्हें यह एडवांस ट्रेनिंग कृषि विज्ञान केंद्र बड़ा में दी जाएगी। सात दिन की क्लास में किसान को मशरूम उत्पादन से लेकर इसके यूनिट को स्थापित करने तक की हर बारीकी से आर्थिक रूप से मजबूत करना है। मशरूम की बाजार में जिस ढंग से डिमांड बढ़ रही है, ऐसे यूनिटों की जरूरत भी बढ़ी है।

क्यासीखेंगे किसान

किसानोंको मशरूम की अलग-अलग वैरायटियों की पैदावार के बारे में बताया जाएगा। कौन से सीजन में किस वैरायटी को कैसे उगाया जाए, बीमारी से कैसे उन्हें बचाएं, सब सिखाया जाएगा। इसके अलावा मशरूम के लिए जरुरी वर्मी कम्पोस्ट कैसे तैयार की जाए बताया जाएगा।

यूनिट इंस्टॉल करने में सारी तकनीकी मदद भी प्रोजेक्ट के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को दी जाएगी। अब सीडी कंपोनेंट से भी उन्हें जागरूक किया जाएगा।

एडवांसप्लांट लगाएं

मशरूमउत्पादन में नई तकनीकों को कैसे जोड़ा जा सकता है, इसके लिए रैल में लगाए गए केवीके के एडवांस मशरूम प्लांट से भी किसानों को रु-ब-रु करवाया जाएगा। इसमें उन्हें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि यह काम प्रोफेशनल तरीके से वह यूनिटों में कर सकेंगे।

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