केसीसी अध्यक्ष पद से शीघ्र इस्तीफा दें
केसीसीबैंकके अध्यक्ष को अपने पद से शीघ्र इस्तीफा दे देना चाहिए। बैंक भर्तियों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने पर अध्यक्ष द्वारा नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेमकुमार धूमल पर घटिया बयान देना उनकी हीन भावना को दर्शाता है। यह बात केसीसी बैंक के पूर्व चेयरमैन रसील सिंह मनकोटिया ने यहां जारी बयान में कही। मनकोटिया ने कहा कि धूमल सरकार ने अपने कार्यकाल में आईबीपीएस से टेस्ट करवा कर बैंक को बढ़िया स्टाफ दे कर बेरोजगारों का मान-सम्मान बढ़ाया है। उस समय बैंक भर्ती पर भी कोई अंगुली नहीं उठी थी। जब भी कांग्रेस सरकार के समय भर्तियों का निर्णय हुआ, तो चोर दरवाजे से ही भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे रोक लगाई गई है। कांगड़ा जिला के बेरोजगारों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर बेहतर कदम उठाया है। मनकोटिया का कहना है कि उन्होंने स्वयं इस शिक्षा बोर्ड से भर्ती करवाने के निर्णय का विरोध किया था। प्रदेश सहकारी बैंक का टेस्ट भी बोर्ड ने लिया था, जिसका परिणाम निकलने के बाद भर्ती प्रक्रिया सुर्खियों में रही। उन्होंने कहा कि बैंक के मौजूदा अध्यक्ष यह बताएं कि बैंक की भर्ती आईबीपीएस से क्यों नहीं करवाई गई। ऐसे में उन्हें अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।