एक साल बाद भी आदित्य को नहीं ढूंढ पाई पुलिस
एकसालसे बेटे को पाने की आस लगाए बेबस मां की आंख के आंसू भी अब सूख गए हैं। दरवाजे पर टिक टिकी लगाए उनका हर दिन तो गुजरता है, लेकिन कोई यह नहीं बताता कि आदित्य कब मिलेगा। सलासी डीएवी स्कूल के पास से 15 फरवरी 2015 को रहस्यमयी परिस्थितियों में किडनैप हुए 6 साल के आदित्य का आज तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।
एक साल पूरा होने को है, लेकिन किडनैपिंग की इस गुत्थी को सीआईडी नहीं सुलझा पाई है। आदित्य की मां ज्योति और पिता अरुण मासूम बेटे की याद में बेहाल हैं। कहीं से कोई इस परिवार को बच्चे की खबर लाकर नहीं देता। सुरक्षा एजेंसियां तो आज तक बच्चे का और ही किडनैपर का कोई सुराग लगा पाई हैं।
क्याहै मामला : घटनाके वक्त आदित्य की उम्र पांच साल थी। रविवार को वह घर के नजदीक से रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गया। जब बच्चा घर पर नहीं लौटा तो हर जगह उसकी तलाश की गई। करीब 50 जवानों के एक दल ने लगातार एक सप्ताह तक आदित्य की हर जगह तलाश की। पर बच्चा नहीं मिला। पुलिस को कामयाबी मिलने पर मामला सीआईडी को सौंपा गया। सुराग देने वाले को पुलिस और परिजनों ने 50-50 हजार के ईनाम की भी घोषणा कर रखी है।
सीआईडी विंग हमीरपुर के इंचार्ज ओंकार सिंह ने बताया कि अभी तक जांच में कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है। सही दिशा एक तरफ से नहीं मिल पा रही। जांच हर पहलू से जारी है।
बेबस मां के सवाल
आदित्यकी मां ज्योति ने अब तक की जांच पर कई सवाल किए हैं। ज्योति कहती हैं कि एक बेबस मां का दर्द कोई नहीं समझता है। पुलिस के अधिकारी आते हैं और पूछताछ करके चले जाते हैं। कोई नहीं बताता कि जांच में कुछ निकलेगा भी या नहीं। क्या पुलिस किसी नेता या अफसर के बच्चे को ढूंढने में इतना समय लगाती। क्यों आज तक फिरौती मांगने वाले युवक का लाई डिटेक्शन नहीं हो पाया।
फिरौती मांगने पर पकड़ा था एक छात्र
आदित्यके घर के पास ही एक हॉस्टल में होटल मैनेजमेंट का एमपी का एक स्टूडेंट रहता था। उसने परिजनों को बच्चे को लेकर 10 लाख की फिरौती की मांग की थी। बाद में पुलिस ने उसे अमरोह में दबोच लिया था। लंबी पूछताछ के बाद भी पुलिस उससे ज्यादा कुछ नहीं उगलवा पाई। उक्त स्टूडेंट ने बताया था कि पैसे के लालच में उसने फिरौती मांगी थी। सीआईडी ने उसके लाइ डिटेक्शन टेस्ट के लिए फॉरेंसिक लैब मे आवेदन किया हुआ है।
किडनैप हुए आदित्य की मां ज्योति और पिता अरुण।