4200 करोड़ से बनेगा नेरचौक-मनाली फोरलेन
नेरचौकसे मनाली तक लगभग 140 किमी लंबे नेशनल हाइवे फोरलेन में कन्वर्ट करने पर लगभग 4200 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। जिसके निर्माण कार्य की कवायद एनएचएआई ने शुरू कर दी है। दूसरे चरण के इस कार्य को दर्जनों पुलों सुरंगों के माध्यम से पूरा किया जाना है।
नेरचौक से मनाली तक बनने वाले फोरलेन की प्रक्रिया नेशनल हाइवे अथॉरिटी आॅफ ने तेज कर दी है। प्रदेश में बनने वाले कीरतपुर-नेरचौक, नेरचौक-मनाली परवाणु-शिमला फोरलेन पर लगभग 8600 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। जिसमें कीरतपुर से मनाली तक लगभग 6 हजार करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। जिसमें प्रदेश अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
प्रदेश में बनने वाले करोड़ों रुपए के फोरलेन प्रोजेक्टों के निर्माण कार्य में रुकावट पैदा हो जिसके लिए मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने प्रदेश सरकार से फोरलेन से प्रभावित होने वाले किसानों को 4 गुणा मुआवजा देने की वकालत की है। सांसद ने प्रदेश सरकार के सीएम वीरभद्र सिंह को इस संबंध में पत्र भेज कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का ग्रामीण क्षेत्रों में 4 गुणा शहरी क्षेत्र में दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सांसद ने सीएम से मांग की है कि वर्तमान में सरकार की ओर से फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन की एवज में जो मुआवजा दिया जा रहा है, उससे निर्माण कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। प्रभावित होने वाले लोग संघर्ष आंदोलन करने पर बाध्य हाे रहे है। जिसका प्रभाव निमार्ण कार्य पर पड़ेगा। इस समस्या से बचने के लिए विस्थापितों प्रभावितों को केंद्र से मिलने वाली मुआवजा राशि की तर्ज पर शहरी क्षेत्र में दोगुना ग्रामीण क्षेत्रों में 4 गुणा मुआवजा दिया जाए।
प्रदेश में बनने वाले विभिन्न नेशनल हाइवे के लिए प्रस्तावित बाईपास पपरोला-बैजनाथ, जोगेंद्रनगर बाईपास, ठियोग बाईपास के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि को भी केंद्र सरकार की ओर से एनएचएआई को भेज दिया गया है। इसके साथ-साथ पठानकोट-मंडी, मटौर-हमीरपुर फोरलेन को भी केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
86 करोड़ होगा खर्च
^प्रदेश में फोरलेन प्रोजेक्टों पर लगभग 86 करोड़ रुपए खर्च किया जा रहा है। नेरचाैक से मनाली तक बनने वाले फोरलेन के हिस्से पर लगभग 4200 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। केंद्र सरकार प्रदेश को फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर शहरी क्षेत्र में दोगुणा ग्रामीण क्षेत्रों में 4 गुणा मुआवजा राशि दे रही है। जिसे प्रभावितों विस्थापितों तक उसी तर्ज पर पहुंचाने का मामला प्रदेश सरकार से उठाया गया है। रामस्वरूपशर्मा, सांसद, संसदीय क्षेत्र मंडी।