पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कुल्लू रंगमंच में अंधों के हाथी से व्यंग्य पेश

कुल्लू रंगमंच में अंधों के हाथी से व्यंग्य पेश

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कुल्लू: नाटक पेश करते हुए एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन के कलाकार।

सिटी रिपोर्टर|कुल्लू

संस्कृतिमंत्रालय, भारत सरकार, एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू तथा जिला सांस्कृतिक परिषद कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे नाट्योत्सव ‘कुल्लू रंग मेला’ में संस्था के कलाकारों ने देव सदन कुल्लू में शरद जोशी द्वारा लिखित तथा केहर सिंह ठाकुर द्वारा निर्देशित व्यंग्य नाटक ‘अंधों का हाथी’ का मंचन किया। यह नाटक आज हमारे देश की व्यवस्था पर करारा व्यंग्य है। लेखक ने व्यंग्यात्मक तरीके से देश के कर्णधारों जिनमें राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी से लेकर दफ्तर के अफसर, बाबू तथा अन्य सभी को अंधे करार दिया है। नाटक में लेखक सूत्रधार के माध्यम से बोलता है कि अरे राष्ट्र के अंधों उठो। तुम जो भी हो मंत्री, सचिव, संचालक, बाबू या चपरासी या जो भी हो नेता, पुलिस, पत्रकार, प्रोफेसर या पानवाले, जो भी हो, बहुत देर से चल रहे इस नाटक को खत्म करो। इससे पहले कि यह हाथी तुम्हें कुचलने लगे तुम इसे अपने वश में करो। वर्षों से यह हाथी धीरे धीरे बढ़ रहा है। कभी यह सज संवर कर जुलूस में जाता है और कभी पागलों की तरह बाज़ार में दौड़ता है, खेतों में घुसकर हमारी फसल बर्बाद करता है। कभी इसके पैरों तले निरीह जनता रौंधी जाती है और कभी यह सूंढ उठाकर हमें सलाम करता है। कुछ समझ नहीं आता और ये अंधे, कम्बख्त कुछ नहीं कर रहे।

खबरें और भी हैं...