माता हडिंबा मंदिर से जन आक्रोश रैली शुरू
फोरलेनसंघर्षसमीति की जन आक्रोश रैली वीरवार को माता हडिंबा की पूजा-अर्चना कर बर्फ के फाहों के बीच मनाली से शुरू हुई। माता हडिंबा से आशीर्वाद लेने के बाद संघर्ष समीति के पदाधिकारियों ने माल रोड मनाली में किसानों-बागवानों को संबोधित किया। बर्फबारी के बावजूद मनाली के सैकड़ों किसानों-बागवानों ने जन आक्रोश रैली में भाग लिया।
रैली को संबोधित करते हुए फोरलेन संघर्ष समीति के अध्यक्ष युद्ध सेवा मेडल सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने कहा कि अपनी जमीनों का सही दाम मिलने के कारण मनाली से सुंदरनगर तक के किसानों-बागवानों में भारी रोष पनप गया है। उन्होंने कहा कि यह रैली 11 से 13 तक चलेगी और मनाली से चलकर पतलीकूहल होते हुए 13 फरवरी को कुल्लू के देव सदन में संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक प्रकिया में विश्वास रखते हैं और देश के जिम्मेवार नागरिक हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भू-अधिग्रहण कानून 2013 के अंतर्गत उचित मुआवजा, पारदर्शिता, पुनर्वास, पुनर्स्थापना का प्रावधान है लेकिन सरकार मनमानी कर हजारों किसानों-बागवानों की अनदेखी कर कानून का उल्लंघन कर रही है। फोरलेन संघर्ष समीति मनाली के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने कहा कि किसान-बागवान सड़कों पर उतरने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर भी सामाजिक आकलन और पुनर्वास कर कार्यवाही भू-अधिग्रहण से पहले जरुरी है लेकिन ऐसा कर सरकार कानून का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सरकार या राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं है बल्कि अपने हकों के लिए हजारों किसानों-बागवानों का लोकतांत्रिक संघर्ष है। इससे पहले सैकड़ों किसानों-बागवानों ने बर्फ के फाहों के बीच रैली निकाली और सरकार से अपना हक मांगा। संघर्ष समीति ने कार्यकारी उपमंडल अधिकारी पदमा छेरिंग के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर किसानों-बागवानों को उचित मुआवजा देने का आग्रह किया।
माता हंडिबा मंदिर से शुरू हुई जन आक्रोश रैली।