ग्रामीण बोले, नहीं चाहिए दिक्कतों वाला टीपीसी
होटलियर्सएसोसिएशनने मिनी सचिवालय मनाली बैठक आयोजित की। बैठक में आसपास के गांव के ग्रामीणों सहित टीसीपी के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए होटलियर्स एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि टीसीपी के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतें रही हैं। ठाकुर ने बताया कि 2004 में गांव को भी टीसीपी में शामिल कर लिया गया है जिससे उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस अवसर पर मथियाना गांव के सुरेश ठाकुर ने कहा कि गांव में सड़क सुविधा है और ही सीवरेज व्यवस्था। उन्होंने कहा कि टीसीपी के कारण उन्हें भवन निर्माण में दिक्कतें रही हैं इसलिए उन्हें टीसीपी से बाहर किया जाए। मनाली गांव के राजेश ने कहा कि टीसीपी में शामिल करने के बाद उनके गांव का विकास रुक गया है। उन्होंने कहा कि दिक्कतों के कारण ही लोग टीसीपी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाइयों का साझा खाता होने के कारण टीसीपी फीट नहीं बैठ रहा इसलिए उनके गांव को टीसीपी से बाहर किया जाए। ग्रामीण नानक ठाकुर ने भी टीसीपी की औपचारिकताओं पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को घरों का निर्माण करने में दिक्कतें रही हैं। मोहन वोकटपा ने भी गांव को टीसीपी से बाहर रखने का आग्रह किया और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की बात कही।
ग्रामीण गौतम ठाकुर ने भी टीसीपी की औपचारिकताओं में फेरबदल करने का आग्रह किया ताकि लोगों की दिक्कतें कम हो सके। बैठक में उपस्थित दर्जनों लोगों ने टीसीपी की औपचारिकताओं पर नाराजगी जताई और मनाली के साथ लगते सभी ग्रामीण क्षेत्रों को टीसीपी से बाहर रखने का आग्रह किया। टाउन एंड कंट्री प्लानर कुल्लू अंजलि शर्मा ने ग्रामीणों को टीसीपी की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों द्वारा दिए गए सुझावों को वे सरकार तक पहुंचाएंगे।