9 वार्ड, कमेटी एक ही में बनी
^नालागढ़ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी नालागढ़ पुरषोत्तम चौधरी ने कहा कि शहर के एक वार्ड में वार्ड स्तरीय कमेटी बन चुकी है, जबकि अन्य वार्डों के पार्षदों को भी वार्ड स्तरीय कमेटी के गठन के कड़े निर्देश जारी किए गए है।
यह होता है वार्ड स्तरीय कमेटी का काम
प्रदेशसरकार ने नगर पालिका अधिनियम की धारा 51 के तहत सभी नगर परिषदों में इन कमेटियों का गठन करने के निर्देश दिए हैं। इन कमेटियों में पार्षदों का उत्तरदायित्व बनता है कि वह वार्ड सभा वार्ड कमेटियों का गठन करें ताकि वार्ड के विकास कार्य गति पकड़ सके और पूरे शहर का समुचित हो सके। वार्ड स्तर पर बनने वाली कमेटी में प्रत्येक वार्ड में वार्ड सभा गठित होनी है, जिसके तहत वार्ड के लोगों को इसका सदस्य बनाया जाता है। वार्ड सभा के सदस्य बैठक कर वार्ड कमेटी का गठन करते हैं जिसमें संबंधित वार्ड का पार्षद इसका अध्यक्ष हाता है, वहीं वार्ड के निवासी 9 सदस्यों को इसमें शामिल करते हंै, जिसमें 50 फीसदी भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित होती है। वार्ड सभा वर्ष में दो बार बैठक करती है, जबकि वार्ड कमेटी दो माह में एक बार बैठक करती है। वार्ड कमेटी के कार्यों में सफाई, गली, स्ट्रीट लाईट, गलियां, नालियां आदि के कार्यों की समीक्षा करती है और इसकी सूची बनाकर परिषद को सौंपेती है, जिस पर परिषद स्क्रूटनिंग करने के बाद कार्यों को अप्रूवल देती है।
अधिनियम के तहत गठित होनी थी कमेटियां
भास्कर न्यूज|नालागढ़
नगरपालिकाअधिनियम की धारा-51 के तहत वार्ड स्तर पर बनने वाली कमेटियां के तीन साल पूर्व सरकार के आदेश आज भी परवान नहीं चढ़े हैं। नालागढ़ शहर के 9 वार्डों में से मात्र वार्ड-7 में वार्ड स्तरीय कमेटी गठित हुई है, जबकि अन्य 8 वार्डों में कमेटियों का गठन नहीं हो सका है। नगरपालिका अधिनियम की धारा 51 के तहत परिषद के तहत वार्डों में कमेटियों का गठन किया जाना अनिवार्य होता है और इन कमेटियों के बनने से सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है, वहीं शहर के विकासात्मक कार्य भी ठप पड़ जाते हैं। तीन साल से यह एक्ट के लागू होने के बाद भी इन कमेटियों का गठन नहीं हो सका है। अभी एक वार्ड में ही वार्ड कमेटी का गठन हुआ है, जबकि अन्य 8 वार्डों में कमेटियां गठित नहीं हो सकी है।