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नालागढ़ अस्पताल में आॅपरेशन करने में सहायक मशीन एक माह से खराब

6 वर्ष पहले
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नालागढ़अस्पताल में एनेस्थिसिया मशीन के खराब होने के चलते मरीजों को भारी परेशानियां झेल रहे हैं। ओटी में यह मशीन पिछले करीब एक माह से खराब पड़ी है, जिसके चलते मशीन की मदद से होने वाले आॅपरेशन नहीं हो पा रहे हंै और ऐसे ऑपरेशनों के लिए चिकित्सक मरीज को पीजीआई रेफर कर रहे हैं।

नतीजतन लोग अपनी सहूलियत को देखते हुए या तो निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हंै या फिर उन्हें पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा आदि के अस्पतालों की शरण लेने को बाध्य होना पड़ रहा है। आॅपरेशन के दौरान एनेस्थिसिया से की जाने वाली बेहोशी दो प्रकार की होती है, जिसमें एक रीढ़ की हड्डी में इंजेक्शन लगाकर मरीज को बेहोश करके आॅपरेशन किया जाता है और दूसरी बेहोशी मशीन से होती है। यह बेहोशी मरीज के लंबे चलने वाले आॅपरेशन के दौरान प्रयोग में लाई जाती है, यदि जरूरत पड़ती है तो आॅपरेशन के बीच मशीन से रोगी को बेहोश करना होता है। एनेस्थिसिया मशीन की कीमत करीब 12 से 15 लाख रुपए है और इसे खरीदने के लिए विभाग को पत्राचार किया जाता है, तब जाकर इसे खरीदा जा सकता है।

उपमंडल के सबसे बड़े नालागढ़ अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 की ओपीडी होती हंै, जिसमें कई रोगी अस्पताल में उपचाराधीन भी होते हैं, जिनके कई बार आॅपरेशन करने पड़ते हंै। क्षेत्र में सड़क हादसों के आने वाले घायल मरीजों की सर्जरी वाले रोगियों का भी आॅपरेशन नहीं हो पाता है। नालागढ़ अस्पताल में स्वारघाट, दिग्गल, पटटा, साई आदि दूरदराज क्षेत्रों के लोग उपचार के लिए आते हंै और कई मरीजों को चिकित्सक दाखिल कर लेते हैं। जरूरत पड़ने पर उनके आॅपरेशन भी यहीं किए जाते हंै।

क्षेत्र में सड़क हादसों का ग्राफ भी बढ़ा हुआ है और सड़क हादसों में हड्डी रोगी के मरीज आते हंै, जिन्हें कई बार आॅपरेशन करके ठीक करना पड़ता है। अस्पताल में वैसे तो प्रसूताओं के आॅपरेशन तो हो रहे हंै, लेकिन यदि कोई प्रसूता का केस गंभीर होता है तो डाॅक्टर उसे पीजीआई रेफर कर देते हैं।

बीएमओ जसवाल बोले

बीएमओनालागढ़ डॉ. कुलदीप जसवाल ने कहा कि अस्पताल एनेस्थिसिया मशीन खराब पड़ी है, जिसके स्थान पर नई मशीन खरीदने के लिए सीएमओ को पत्राचार कर दिया गया है, ताकि यह मशीन जल्द से दोबारा खरीदी जा सके।

मरीजों को पीजीआई रेफर कर रहे डॉक्टर