नुकसान 6 करोड़ का, मिले 1 करोड़
पीडब्ल्यूडीनालागढ़ डिवीजन की सड़कों पर मानसून में बरपे कहर में मिली धनराशि ऊंट के मुंह में जीरे समान है। विभाग को हुए करीब 6 करोड़ के नुकसान के बदले विभिन्न चरणों में 1 करोड़ रुपए सड़कों की दशा सुधारने के लिए मिले हंै, जो कि नाकाफी है। बरसात ने क्षेत्र की सड़कों पर खूब कहर बरपाया था और क्षेत्र की सड़कों की हालत पूरी तरह से दयनीय हो चुकी थी।
विभाग समय समय पर नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजता रहा, जिस पर विभिन्न चरणों में विभाग को धनराशि मिली है। विभाग का कहना है कि क्षेत्र में हुई बरसात से करीब 6 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। लोनिवि विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर मलबा गिरने, ल्हासा गिरने, डंगा टूटने, पुली गिरने आदि के मामलों से 5 करोड़ से अधिक का नुकसान विभाग को झेलना पड़ा है।
बीते वर्ष मानसून में क्षेत्र में हुई बारिशों ने खासा कहर बरपाया था और लोनिवि के अधीन आने वाली सड़कों पर जमकर नुकसान हुआ था। बरसात से नालागढ़ उपमंडल के तहत आने वाली सड़कें धुल गई थी और क्षेत्र की विभिन्न सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। नालागढ़ उपमंडल पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बंटा हुआ है और खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों की सड़कों पर बरसात जमकर कहर बरपाती है। लोनिवि के तहत आने वाले धरमाणा में विभाग को सबसे अधिक चपत लगी है, जहां धरमाणा के समीप पहाड़ी ही खिसककर सड़क पर गई थी और कई गांव संपर्क से कट गए थे। यहां पर विभाग को सबसे अधिक 84 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि लूनस की पुली बह जाने से 30 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
विभिन्न चरणों में मिले हैं 1 करोड़ रुपए : अत्री
एक्सईएनपीडब्ल्यूडी नालागढ़ डिवीजन एसके अत्री ने कहा कि बरसात से हुए नुकसान के एवज में चरणों में करीब 1 करोड़ रुपए की धनराशि मुहैया हुई है। उन्होंने कहा कि अन्य नुकसान की भरपाई के लिए हाजार्ड प्लान के तहत योजनाएं बनाई जाती हैं, जिसके तहत नालागढ़ उपमंडल की करीब 42 किमी सड़क की टारिंग भी कर दी गई है।