मकानों को दिए जाएंगे हाउस नंबर
नंबर होने से गैस आबंटन में भी परेशानी
नगरनिकाय चुनाव से पूर्व आयोजित खुली नुक्कड़ बहस में घरेलू गैस वितरण का मामला प्रमुखता से गूंजा और शहरवासियों ने होम डिलीवरी मिलने का दुखड़ा रोया था। प्रतिनिधियों के समक्ष यह मामला आया और इस मामले को गैस वितरण एजेंसिज से भी डिस्कस किया गया, जिस पर गैस एजेंसी इंचार्ज का कहना था कि मकानों के नंबर आबंटित हो तो जहां मकानों का सही ढंग से पता लग सकेगा, वहीं गैस की होम डिलीवरी वितरण भी सही होगा।
पुराने नए सभी काम होंगे सुचारू: गौतम
नगरपरिषद अध्यक्ष महेश गौतम ने कहा कि परिषद के पुराने काम भी सिरे चढ़ाए जाएंगे, वहीं नई योजनाओं के प्रस्ताव भी पारित होंगे, ताकि शहर का समुचित विकास हो सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही मकानों को नंबर अलॉट कर दिए जाएंगे।
9 वार्डों में रहती है 30 हजार की आबादी
परिषदके अधीन शहर के 9 वार्डों के एक दूसरे के साथ सटे मकानों में कई बार उनका पता नहीं चलता है। शहर के 9 वार्डों में करीब 30 हजार की आबादी रहती है, वहीं 2003 में प्रदेश को मिले औद्योगिक पैकेज के बाद जहां औद्योगिक घरानों ने यहां दस्तक दी और लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ हुई तो लोगों ने अपने मकान भी नए बनाए, लेकिन नंबर अंकित होने से उसका एड्रेस का पता ही नहीं चल पता है, जबकि बड़े शहरों में मकानों के नंबर अंकित होते हैं।
संतोष कुमार|नालागढ़
नालागढ़शहर में मकानों को उनके नंबरों से पता लगाने की परिषद की मुहिम अब नई चुनी गई परिषद परवान चढ़ाएगी। नवंबर, 2013 में परिषद ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया था, इसमें मकानों के नंबर अंकित करने थे, जिससे लोगों सहित पत्राचार आदि के लिए दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े, लेकिन परिषद की भावी योजना ने हिचकोले खाए और परिषद की यह योजना फाइलों में दफन होकर रह गई थी। लेकिन नई परिषद ने अब मकानों को उनके नंबर अलॉट करने की ठान ली है, ताकि शहर के सभी मकानों के नंबर अंकित हो सके।