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3 साल में 177 ही कनेक्शन

7 वर्ष पहले
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^सीवरेज कनेक्शन के लिए लोग रूचि नहीं दिखा रहे हैं। इस वजह से योजना को प्रॉपर चालू करने में दिक्कत रही है। विभाग ने अभी 177 लोगों को ही कनेक्शन दिए गए हैं। सीवरेज के ट्रीटमेंट प्लांट भी वार्किंग में हैं। लोगों को सीवरेज कनेक्शन के लिए लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मुकेशहीरा, एक्सईएनआईपीएच डिवीजन-1 ऊना

भास्कर न्यूज|ऊना

ऊनाशहर में करोड़ों रुपए से बनी सीवरेज योजना अभी पूरी तरह चालू नहीं हो पाई है। क्योंकि सीवरेज कनेक्शन के लिए हाउस होल्डर्स कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि जनवरी, 2012 में आईपीएच विभाग ने सीवरेज कनेक्शन देने का सिलसिला शुरू किया था। इतने अर्से में मात्र 177 हाउस होल्डर्स ने ही सीवरेज कनेक्शन लिया है। जबकि योजना के दायरे में 6300 से ज्यादा हाउस होल्डर्स आते हैं, लेकिन इन्हें सीवरेज कनेक्शन के लिए संबंधित विभाग अिभप्रेरित करने में असफल रहा है। दूसरी तरफ विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि हाउस होल्डर्स को सीवरेज कनेक्शन के लिए बाकायदा फार्म भी वितरित करवाए गए है। उन्हें अिभप्रेरित करने का प्रयास किया गया, फिर भी कोई रिस्पांस नहीं मिला।

चारजोन में बंटी योजना

इसयोजना के निर्माण पर 11.16 करोड़ की लागत आई है और इसे चार जोन में बांटा है। सबसे बड़े और बी जोन में 23 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई। इसके लिए रामपुर के नजदीक एक ही ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया। इसकी क्षमता 2.53 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। दोनों जोन के दायरे में 4500 से ज्यादा हाउस होल्डर्स आते हैं, जिन्हें कनेक्शन दिए जाने हैं। सी जोन में 16.35 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है। इस जोन में दो सेप्टिक टैंक भी बनाए गए हैं। डी जोन में 4.8 किलोमीटर पाइप लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया गया है। इस ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता प्रतिदिन .63 मिलियन लीटर है। इस जोन में करीब 1800 हाउस होल्डर्स आते हैं। योजना के पूरी तरह चालू होने से शहर की करीब 34 हजार की आबादी को सुविधा मिलेगी।

कबमिली थी मंजूरी

वर्ष,1995 में सीवरेज योजना को राज्य सरकार से अप्रूवल मिली थी। इसके बाद जोन बाइज पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ। इस बीच चन्द्रलोक कॉलोनी एरिया में पडऩे वाले डी जोन में ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। इस बजह से भी सीवरेज का काम अधर में लटका रहा। अप्रैल, 2010