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स्वर्गप्रवास से लौटे देवताओं ने की भविष्यवाणी

5 वर्ष पहले
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देव समारोह

भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर

मकरसंक्रांतिको एक माह के स्वर्ग प्रवास को निकले देवी-देवता वापस लौट आए हैं। क्षेत्र में देवी-देवताओं के दर्शनों के लिए भी मंदिरों में सुबह से भीड़ जुटी और गुर के माध्यम से देवी देवताओं ने वर्षफल भी सुनाया। रामपुर उपमंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में इस दिन अपने अपने तरीके से देवताओं का स्वागत किया गया।

इस दिन की विशेष बात ये रहती है कि देवता अपने गुर के माध्यम से साल भर की भविष्यवाणी करता है। जिससे सुनने के लिए सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण अपने इष्ट देव के मंदिर में सुबह ही पहुंच जाते है। और देवताओं से आर्शीवाद लेते हंै। देवता साहिब जाख रचोली, देवता साहिब बसाहरा, काजल देवता गसो, दरकाली में लक्ष्मी नारायण देवता, लालसा में दोगड़ू देवता, बरांदली में छत्रखंड देवता, डंसा देवता, शोली में शोलेश्वर महादेव आदि देवताओं ने अपने गुरों के माध्यम से इस बार का वर्ष फल भी सुनाया। वर्षफल सुनाने के बाद देवता के गुर मंदिर के लोगों को आशीर्वाद तौर पर सरसों के दाने देते हैं। आपके लिए यह साल अच्छा रहेगा या फिर बुरा, इन दानों से यह सब पता चलता है। यानि अगर किसी व्यक्ति को 1, 3, 7 दाने आए हैं, तो साल शुभ है और यदि 2, 4, 8 आते हैं, तो कुछ कुछ गड़बड़ होने के संकेत होते हैं।

देवताओंके आगमन पर मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित : एकमाह पूरा होने के बाद देवी-देवताओं के वापस आने की खुशी में शनिवार को मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। देवताओं की मूर्तियां देवरथों में सजा दी गई हैं, जो स्वर्ग जाने से पूर्व रथों से उतार दी गई थीं। अब मंदिरों में नियमित पूजा अर्चना की जाएगी। स्वर्गप्रवास पर रहते समय देवताओं को मंदिर के बाहर से आकाश की ओर धूप दिया जाता था। देवताओं के स्वर्ग में रहते समय शुभ कार्य नहीं किए जाते थे।

रचोली मंदिर कमेटी के सचिव अर्जून नेगी ने बताया कि इस बार देवता साहिब अपने साथ लोगों की खुशहाली के समाचार लाए है यह बात देवता ने अपने माली संजीव कुमार के माध्यम से बताई है। उन्होंने बताया कि देवता के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र में लोगों की फसलें अच्छी होंगी और मौसम भी लोगों का पूरा साथ देगा। पूजा अर्चना के समय मंदिर के माली संजीव कुमार, कुलदीप, पूर्ण चंद के अलावा कोषाध्यक्ष लच्जू करेट के अलावा अन्य लोग भी मौजूद रहे।

स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद रचोली मंदिर में पूजा अर्चना करते देवता के माली।

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