लोनिवि नही बंद कर रहा सड़कें
रोहड़ू| अवैधखनन को रोकने के लिए गठित कमेटियां तीन दिनों में खनन माफिया के खिलाफ कोई भी बडी कार्रवाई नहीं कर पाई है। अब तक टीम अवैध खनन का मात्र एक चालान कर पराई है और सड़कों को बंद करने की कार्रवाई को शुरू तक नहीं कर पाई है। जबकि टीम के अहम सदस्य लोक निर्माण विभाग द्वारा उच्च न्यायालय में पहले ही सड़कों को बंद किए जाने का शपथ पत्र दिया गया है।
विभागोंमें आपसी तालमेल की कमी
हालांकिप्रशासनिक तौर पर अवैध खनन को रोकने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को एक टीम के रूप में तैनात किया है लेकिन विभागों में आपसी ताल मेल खनन माफिया की तगड़ी पहुंच के चलते यह टीम मात्र एक औपचरिकता बन कर रह गई है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन दिनों में अवैध खनन को रोकने के लिए बनाई गई टीम मात्र एक ही चालान कर पाई है।
अन्यविभाग नहीं ले रहे रूचि
उच्चन्यायालय के निर्देशों के बाद आईपी एच, लोक निर्माण , वन विभाग अवैध खनन को रोकने के लिए सौंपी गई जिम्मेवारियों को निभाने में रूचि नहीं ले रहे हैं। हैरानी की बात है कि करीब एक साल पहले सभी विभागों को अवैध खनन को रोकने की शक्तियां प्रदान की गई लेकिन इन विभागों ने एक भी चालान नहीं किया।
लोकनिर्माण विभाग ने दिया है हलफनामा
पब्बरनदी से रोती रोडी निकालने के लिए करीब 17 सड़कें बनाई गई है। अवैध रूप से बनाई गई इन सड़कों को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय ने बंद करने का निर्देश दिए थे। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने उच्च न्यायालय मे सड़कों को बदं करने का हल्फनामा भी दिया है। लेकिन खनन माफिया ने इन सड़कों फिर से खोल रखा है।
^जब तक पब्बर के लिए बनाई गई सड़कें बंद नहीं होती तब तक खनन पर अंकुश लगाना संभव नहीं है। सड़कों को बंद करने के बारे में लोक निमार्ण विभाग ने माननीय उच्च न्यायालय में पहले ही हल्फनामा दे रखा है लेकिन सड़कें बंद नहीं हुई है। जिसके लिए लोनिवि स्वयं जिम्मेवार होगा। वाईपीएसवर्मा,एसडीएम रोहड़ू