सोलन में होगा किडनी की बीमारी का इलाज
क्षेत्रीयअस्पताल सोलन में अब किडनी की बीमारी का उपचार संभव होगा। सरकार ने इसका जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा है। स्वास्थ्य विभाग ने किडनी सेंटर खोलने के लिए अस्पताल में निजी कंपनी को जगह उपलब्ध करवा दी है। उम्मीद की जा रही है कि यह सुविधा कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी।
आमतौर पर किडनी फेलियर की स्थिति में डायलेसिस करवाने के लिए रोगियों को आईजीएमसी पीजीआई चंडीगढ़ के चक्कर काटने पड़ते हैं। सोलन में यह सुविधा होने से रोगियों को सरकार की तरफ से तय दरों के हिसाब मिलेगी। खास बात है कि स्वास्थ्य विभाग आउट सोर्स के माध्यम से डायलेसिस की मशीनरी स्टॉफ उपलब्ध करवाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को घरद्वार ही इलाज की सुविधा मिलेगी।
पड़ताहै आर्थिक बोझ
आमतौरपर किडनी की बीमारी होने की स्थिति में रोगियों को डायलेसिस करवाने के लिए शिमला चंडीगढ़ के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे उपचार के साथ परिवार को टैक्सी के किराया को बोझ भी उठाना पड़ता है। प्राइवेट अस्पतालों में डायलेसिस के महंगे दाम होने के चलते रोगी को महीने में औसतन 20 हजार रुपए तक का खर्च जाता है। कई रोगियों को तो महीने में उपचार के लिए चंडीगढ़ के तीन से चार बार चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में यदि समय रहते सोलन अस्पताल में डायलेसिस सेंटर खुलता है तो किडनी के रोगियों को बड़ी राहत मिल जाएगी।
^अस्पताल परिसर में जल्द ही आउट सोर्स से डायलेसिस सेंटर शुरू किया जाएगा। इससे किडनी के रोगियों को जिला मुख्यालय में ही सस्ती दरों पर डायलेसिस की सुविधा मिलेगी। इसके लिए उन्हें सस्ती दरों में इलाज उपलब्ध करवाया जाएगा। डॉ.आरके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
डायलेसिस सेंटर खुलने से मिलेगा सस्ता इलाज
अस्पतालमें डायलेसिस सेंटर खुलने पर सोलन समेत आसपास के उपनगरों के रोगी को घर के नजदीक ही डायलेसिस करवाने की सुविधा मिल जाएगी। जानकारी के मुताबिक सरकार ने निजी कंपनी के साथ समझौता किया है। इसके तहत डायलेसिस करवाने में 1 हजार रुपए तक की फीस तय की है। हालांकि यह दर रोगी की बीमारी पर भी निर्भर करेगी। अस्पताल में डायलेसिस सेंटर बनने से सोलन सहित शिमला सिरमौर के सीमावर्ती क्षेत्र के रोगियों को भी लाभ मिलेगा। इस सेंटर के खुलने से यहां पर लोगों को सस्ता इलाज मिलेगा। इससे पहले लोगों को इस इलाज के लिए शिमला अौर चंडीगढ़ के चक्कर काटने पड़ते थे और महंगा इलाज करवाने काे मजबूर होना पड़ता था। इसके अलावा लोगों को प्राइवेट अस्पताल में भी महंगा इलाज करवाना पड़ता था। पर अब सोलन में लोगों को घरद्वार ही सस्ता इलाज मिल जाएगा। इसके लिए उन्हें अपनी जेब ढ़ीली करने की जरूरत नहीं होगी
{सरकार ने निजी कंपनी को सौंपा जिम्मा
{स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में सेंटर के लिए उपलब्ध करवाई जमीन