संस्कृित को रखें जीवित
सामाजिकन्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल की लोक संस्कृति, लोक कलाएं, रीति-रिवाज और परिधान विशिष्ट हैं और इनके संरक्षण एवं संवर्धन में विभिन्न संस्थाओं की सराहनीय भूमिका है। शांडिल बघाटी सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
डॉ शांडिल ने सभी का आह्वान किया कि वे अपनी बोली, वेशभूषा, संस्कार, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों की पहचान बनाए रखें और इनके प्रयोग के माध्मय से इन्हें जीवित रखें। शांिडल ने इस अवसर पर बघाटी सामाजिक संस्था को अपनी ऐच्छिक निधि से 11000 रुपए प्रदान किए।
म्हाराबघाट का किया विमोचन
डॉ.शांडिल ने इस अवसर पर शिव सिंह चैहान द्वारा संपादित पुस्तक \\\"म्हारा बघाट\\\' का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर शिव सिंह चौहान के सुपुत्र सूचना एवं जन संपर्क विभाग में वरिष्ठ संपादक के पद पर तैनात यादविंद्र सिंह चौहान उपस्थित थे।
नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष कुल राकेश पंत, जिला कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष राहुल ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, शहरी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष जतिन साहनी, पूर्व विधायक मेजर कृष्णा मोहिनी, जि़ला कांग्रेस समिति के सदस्य सुरेंद्र बहल, प्रवक्ता जगमोहन मल्होत्रा, कोषाध्यक्ष सुशील चैधरी, कांग्रेस सेवा देल के हरिमोहन शर्मा, जि़ला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष इंदिरा शर्मा, कैलाश सैनी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गीता राम ठाकुर, बघाटी संस्था के महामंत्री मोहन लाल, महासचिव मदन हिमाचली, नगर परिषद् के पार्षदगण, कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी, बघाटी सामाजिक संस्था के पदाधिकारी, सदस्य तथा अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सोलन में आयोजित बघाटी सम्मेलन में उपस्थित लोग।
बघाटी सम्मलेन में पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम।
करियाला भी हुअा
बघाटीसामाजिक संस्था के अध्यक्ष संतराम शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें संस्था की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। संस्था के कोषाध्यक्ष डॉ. टी.डी. वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में जिया लाल ठाकुर, सुमन, रामस्वरूप शर्मा, करूणा शर्मा, सुनील कुमार और चार वर्ष के कुमार सार्थक ने बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। हिमानी कलामंच द्व