सोलनः मेडिकल स्टोर्स में छापा
अाखिर पुलिस को सौंपी जांच
यूज्डसिरिंजमामले में हो रही किरकिरी और सरकार की सख्ती के बाद आईजीएमसी प्रशासन ने तीसरे दिन इस मामले की शिकायत पुलिस से की। दो दिन तक अस्पताल प्रशासन खुद ही लीपापोती में लगा था।
यूज्ड सिरिंज मामले को लेकर अस्पताल के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में दवा नियंत्रक विभाग और आईजीएमसी प्रशासन अफसरों के बीच पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने को लेकर काफी विवाद हुआ। अंत में निर्णय हुआ की मामला गंभीर है, ऐसे में प्रबंधन स्तर पर ही जांच करें, इसे पुलिस को सौंप दिया जाए। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस मेें दी गई है। आईजीएमसी के अतिरिक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार लट्ठ ने इस बारे में आदेश जारी किए है। उन्होंने कहा कि लक्कड़ बाजार पुलिस काे मामला भेजा है।
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अनछुए पहलुओं पर टिकी नजर
अबउनपहलुओं पर नजर टिक गई है, जो अभी तक अनछुए हैं। सिरिंज में कैसे खून की बूंदें आई थी, इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही होगा। सिरिंज यदि पैकेड थी तो खून कैसे लगा। जहां इसमें काउंटर मालिक अपने को बेकसूर बता रहा है, वहीं प्रबंधन की जांच में भी अभी तक कुछ सामने नहीं आया है।
दस्तावेज जांचेगी, सील होगा काउंटर
आइजीएमसीके अतिरिक्त निदेशक ने साफ किया है कि मामले में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पुलिस अपने स्तर पर ही दस्तावेज को खंगालेगी। काउंटर को सील भी किया जा सकता है। मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड पुलिस को दे दिए हैं। साथ में वो शिकायत पत्र भी पुलिस को सौंपा है, जो लैब टेक्निशियन ने प्रबंधन को दिया था।
25 सिरिंज की भी की जाएगी जांच
अबउनसिरिंज पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनकी पैकिंग खुली थी। छापेमारी में आइजीएमसी प्रबंधन ने काउंटर से 25 पैकेट खुली सिरिंज के बरामद किए थे। मेडिकल की भाषा में यदि सिरिंज खुले पैकेट में मिलती है तो इसे यूज्ड माना जाता है। दवा नियंत्रक विभाग के इंस्पेक्टर ने भी इनकी जांच की है।
सोलन में केमिस्ट की दुकान में सिरिंज की जांच करते ड्रग इंस्पेक्टर।
सोलन| सोलनमें देर शाम सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर ललित कुमार ने सोलन अस्पताल के नजदीक चल रही केमिस्ट की दुकानों की छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने सिरिंज की एक्सपारी डेट स्टॉक की जांच की। इसके अलावा शहर की अन्य केमिस्ट की दुकानों म