एचआरटीसी की बस में ढोया जा रहा है डीजल
सोलनसे दाड़ला कंधर रूट पर चल रही एचआरटीसी के स्थानीय डिपो की बसों में डीजल की सप्लाई किए जाने को लेकर यात्रियों में निगम के प्रति रोष पनप रहा है। आरोप है कि निगम की कार्यप्रणाली से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है।
इससे मोटर व्हीकल एक्ट का भी उल्लंघन हो रहा है। मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक किसी भी यात्री वाहन में ज्वलनशील पदार्थ की सप्लाई करना गैर कानूनी है। जानकारी के मुताबिक सोलन से दाड़ला कंधर साेलन-अर्की रूट की बसों के माध्यम से डीजल के ड्रमों की सप्लाई की जा रही। घाटे में चल रहे एचआरटीसी को दूरदराज के क्षेत्र के रूट की बसों के लिए बस के माध्यम से डीजल पहुुंचाना मजबूरी बन गया है। हालांकि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत टैंकर के माध्यम से ही डीजल की आपूर्ति होनी चाहिए। इसी तरह बस में डीजल की फिलिंग के समय भी सवारियां नहीं होनी चाहिए लेकिन प्रदेश में इस नियम का पालन ही नहीं हो रहा है।
सोलन-अर्की रूट पर नियमित रूप से यात्री पवन ठाकुर, खेमचंद, नरेश ठाकुर, लीला दत्त शर्मा, जितेंद्र ठाकुर, लीला देवी, अर्चना, कांशी राम ठाकुर का कहना है कि बस की छत पर डीजल के टैंक सप्लाई होने से इसमें हमेशा लीकेज का खतरा रहता है। ऐसे में यदि चिंगारी भड़क जाए तो यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाएगी। एचआरटीसी के अर्की स्टेशन से चलने वाली बसों के लिए यहां पर करीब 3 हजार लीटर डीजल की स्टोरेज क्षमता उपलब्ध है। ऐसे में कई बार डीजल की कमी पड़ने पर सोलन डिपो से बसों के माध्यम से डीजल पहुंचाया जाता है।
अर्की दाड़लाघाट रूट की बस में छत पर रखा गया डीजल का ड्रम।
^अर्की-दाड़ला रूट पर चलने वाली बसों में किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ की सप्लाई नहीं की जा रही है। यदि किन्ही कारण वश बसों में डीजल के ड्रम भेजे जा रहे हैं तो इसका पता लगाया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में डीजल की मांग पूरी करने के लिए अर्की में 3 हजार लीटर की क्षमता की स्टाेरेज उपलब्ध है। जीएससंगरोली, आरएम,एचआरटीसी,सोलन