- Hindi News
- संपर्क मार्ग बंद करने पर भड़के लोग, किया प्रदर्शन
संपर्क मार्ग बंद करने पर भड़के लोग, किया प्रदर्शन
परवाणूके ऊंचा गांव स्थित एक दर्जन परिवारों के लोग अपने ही घर नहीं जा पा रहे हैं। उनके संपर्क मार्ग पर बड़ा लोहे का गेट लगाकर ताला जड़ दिया गया। इससे गुस्साए लोगों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और रास्ता बहाल करने की मांग की। प्रभावित लोगों ने कहना कि इस संबंध में सोलन के उपमंडलाधिकारी की अदालत में 18 नवंबर को मुकदमा दायर किया गया, जिस पर अदालत ने 19 दिसंबर तक उक्त मार्ग को पूर्व की तरह खुला रखने के आदेश दिए। इस मामले की सुनवाई 19 दिसंबर को तय की है, लेकिन आरोपियों ने इन आदेशों को भी ठेंगा दिखा दिया।
रास्ता बंद होने से प्रभावित परिवारों के अनिल बस्सी, नीरवजीत कौर, एमपी जैन, अनिल गुप्ता, सतीश जैन, निशांत चावला, रोशन लाल गुप्ता, संदीप गुप्ता, कमल दीवान, हंसराज प्रभाकर राज कुमार ने बताया कि उन्होंने टीसीपी/परवाणू की अनुमति लेने के बाद मकानों का निर्माण किया है। टीसीपी के पत्र के अनुसार भूमि विक्रेता ने उन्हें सड़क, पेयजल आपूर्ति, बिजली सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई थी, लेकिन करीब 26 वर्षों के बाद उक्त संपर्क मार्ग को अचानक बंद कर दिया गया। लोगों ने बताया कि संपर्क मार्ग की करीब 125 वर्ग मीटर जगह के बदले उनसे लाखों रुपए की मांग की जा रही है, जबकि भूमि विक्रेता ने इस संपर्क मार्ग को वर्ष 1992 में एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से बेच दिया था, लेकिन भूमि विक्रेता की मृत्यु हो जाने के बाद अब उनके बेटों ने संपर्क मार्ग को बंद कर दिया।
परवाणू के डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया कि एसडीएम के आदेशों के बाद पुलिस ने आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रक्रिया 133 के तहत कलंदरा तैयार करके एसडीएम की अदालत में भी प्रेषित कर दिया है।
कोई नोटिस, बातचीत
प्रभावितपरिवारों ने बताया कि रास्ता बंद कर देने से पहले तो किसी को नोटिस दिया और ही इस विषय में किसी से कोई बातचीत की और मार्ग को बंद करने से बुजुर्गों, महिलाओं स्कूली बच्चों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है और यहां तक कि पानी का टैंकर भी उनके घरों तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। इसके अलावा इसी संपर्क मार्ग में एक आंगनबाड़ी केंद्र भी है, जहां राशन इत्यादि पहुंचना मुश्किल होगा।
क्या है मामला