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रिटायर्ड प्रिंसिपल दीपक ने घर में खोली लाइब्रेरी
युवा पीढ़ी में रीडिंग की हैविट डालने के लिए उठाया कदम, घर में चार कमरे करवाए उपलब्ध
पहल
आजकी युवा पीढ़ी किताबों से दूर होती जा रही है। इंटरनेट, टीवी मोबाइल के उपयोग के कारण युवाओं में रीडिंग हैविट कम होती जा रही है। बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत को विकसित करने लिए सोलन के सेवानिवृत्त कॉलेज प्रिंसिपल दीपक ठाकुर ने अपने ही घर में लाइब्रेरी खोल दी है।
इस माध्यम से वह बच्चों को अच्छी किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वह बच्चों को लाइब्रेरी में आकर पढ़ने के लिए भी कहते हैं। दीपक ठाकुर ने अपने घर में किराये पर दिए चार कमरों को खाली करवाकर लाइब्रेरी शुरू कर दी है। इस लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए सोलन के लोग रहे हैं। इस लाइब्रेरी में एक रीडिंग रूम बनाया है। इस रूम में बैठने के लिए कुर्सियां टेबल भी उन्होंने स्वयं के पैसों से खरीद कर लगाया है। इसमें छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को शैक्षणिक माहौल दिया जा रहा है।
लाइब्रेरीमें 500 पुस्तकें
सोलनके चंबाघाट में शुरू की गई लाइब्रेरी में अभी करीब 500 पुस्तकें हैं। इसमें उनकी स्वयं खरीदी गई पुस्तकें अधिक हैं। उनके सहयोगी रहे कॉलेज के अध्यापक भी उन्हें पुस्तकें दान दे रहे हैं, ताकि लाइब्रेरी में आने वाले लोगों को अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने को मिल सकें। साथ ही युवा पीढ़ी इससे किताबों से करीब आएगी।
नशे की बुराई से बचे रहेंगे युवा: दीपक
सेवानिवृत्तप्रिंसिपल डॉ. दीपक ठाकुर ने बताया कि वह टीचिंग प्रोफेशन से जुड़े रहे हैं और वह बच्चों से दूर नहीं रह सकते साथ ही सोलन में सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी में रीडिंग रूम अब जनसंख्या बढ़ने के कारण बौना साबित हो रहा है। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण उन्होंने अपने घर में ही शारदा नाम से लाइब्रेरी शुरू की है। इससे जहां युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित होगी, वहीं वह नशे की बुराइयों से भी बचे रहेंगे। ठाकुर ने बताया कि इस कार्य में सोलन शहर के समाजसेवियों ने भी उन्हें सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
डॉ. दीपक ठाकुर के घर में शुरू की गई लाइब्रेरी में पढ़ाई करते युवक।