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वर्षा पर निर्भर कृषि भूमि अब उगलेगी सोना
प्रदेशमें अब वर्षा पर निर्भर रहने वाले क्षेत्रों की भूमि भी सोना उगलेगी। प्रदेश के किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए कृषि विभाग ने नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर ( एनएमएसए) लांच किया है। इस मिशन से कृषि विभाग उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा।
मौसम की चुनौतियों का भी किसानों की फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। विभाग किसानों को समय-समय पर तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। प्रदेश के 8 जिलों में एनएमएसए प्रोजेक्ट लांच किया गया है। वाटरशेड प्रोजेक्ट के तहत इस मिशन को चलाया गया है। कृषि विभाग के टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मिशन का उद्देश्य फसलों की उत्पादकता को बढ़ाना ताकि जलवायु में होने वाले परिवर्तन का असर फसलों के उत्पादन पर पड़े। इस मिशन के तहत हर बूंद पर ज्यादा फसल लेने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और इस कार्य में एलाइड डिपॉर्टमेंट की सहायता से किसानों की आर्थिक रूप से संपन्न बनाना है। इस मिशन में डीआरडीए, पशुपालन विभाग, मत्स्यपालन विभाग, बागबानी विभाग, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर आत्मा, कृषि विज्ञान केंद्र, सचिव मार्किट कमेटी को शामिल किया गया है। साथ ही कृषि कार्य के जोखिम को कम करना ताकि उत्पादन की कमी और उत्पाद की कम गुणवत्ता में किसानों की सहायता से सुधार किया जा सके।
^जलागम परियोजना के तहत एनएमएसए मिशन का कार्य शुरू हो चुका है। 200 किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की जा चुकी है। पहले चरण में 36 लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं।दूसरे चरण के लिए 41 लाख का बजट मांगा गया है। इससे किसान वर्षा पर आधारित खेती में भी माकूल फसल ले सकेंगे। वाईपीशर्मा, उपनिदेशक, कृषि विभाग सोलन
सोलन जिला के लिए करोड़ का बजट
नेशनलमिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर मिशन के लिए सोलन जिला के कौरों कैंथड़ी वाटरशेड का चयन किया गया है। केंद्र सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत सोलन विकास खंड की दो पंचायतों कौरों और चेवा पंचायत को शामिल किया गया है। यह मिशन तीन वर्षों तक तीन चरणों में चलाया जा रहा है। पहले चरण में बेस लाइन सर्वे, फंटलाइन सर्वे, मिट्टी की जांच और एस्टीमेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। साथ ही इन क्षेत्रों में वाटर रिसोर्सिज के संरक्षण की दिशा में काम शुरू हो चुकी है। जिला में इस मिशन पर 1 करोड़ 1 लाख 47 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में 36 लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं।
इस मिशन के तहत सोलन जिला के लिए 67 लाख रुपए की लागत से तैयार मोबाइल मृदा परीक्षण वाहन को मंजूरी मिल चुकी है। शीघ्र ही यह वाहन सोलन आएगा। इस वाहन की मद्द से सोलन जिला में किसानों को डोर स्टैप पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलेगी। किसानों के खेतों में जाकर वैज्ञानिक किसानों की मिट्टी की जांच करेगी और तुरंत ही उसकी रिपोर्ट भी किसानों को मिलेगी। किस भूमि में किन-किन पोषक तत्वों की कमी है और कौन-कौन सी खाद डालकर किसान अच्छी फसल ले सकते हैं।