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नोटिफाइड के बाद भी पैराग्लाइडिंग शुरू नहीं
सिरमौरजिला के सैर जगास में पैराग्लाइडिंग साइट नोटिफाइड होने के बावजूद अभी तक कोई भी उड़ानें नहीं भरी गई हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार किसी भी कंपनी आपरेटर्स ने पैराग्लाइडिंग को लेकर अप्लाई नहीं किया है।
पर्यटन विभाग ने इस स्थल को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नोटिफाइड कर दिया था, जबकि विभाग का कहना है कि इस स्थल पर कोई भी बिजनेस कर सकता है। नोटिफाइड होने के बाद एक अरसे से खटाई में पड़े पैराग्लाइडिंग प्रोजेक्ट को अब पंख मिलने की उम्मीद जागी थी, मगर अभी ने किसी ने भी संपर्क नहीं साधा है। विभागीय जानकारी के अनुसार सैर जगास को पैराग्लाइडिंग स्थल विकसित करने के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित करने की भी योजना है।
अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडर्स गुरप्रीत ढिंढसा ने इस स्थल को पैराग्लाइडिंग के उपयुक्त स्थान माना है। उनका कहना था कि कम ही स्थान ऐसे मिलते हैं जहां पर एक स्थान से उड़ान लैंडिंग की जा सके। सूत्रों की माने तो पर्यटन विभाग के अधिकारी अब इस संभावना को पुन: तलाश करने की कोशिश में जुट गए हैं। 5 साल बीत जाने के बाद भी यह योजना फाइलों में अटकी पड़ी है। अगर सैर जगास में पैराग्लाडिंग स्थल विकसित होता है तो सिरमौर के अन्य स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। इससे जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। सिरमौर के चूड़धार जहां धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यहां पर ट्रेकिंग के लिए भी पर्यटक आते हैं। इसके अलावा रेणुकाजी झील, पीच वैली राजगढ़, हरिपुरधार, पांवटा साहिब, त्रिलोकपुर के अलावा सिंबलवाडा सैंचुरी आदि स्थलों पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
यहां पर यूरोपियन देशों फ्रांस, बैल्जियम, हॉलेंड, जर्मनी, इंंग्लेंड, स्विटजरलैंड, इटली आदि के अलावा अमेरिका, कनाडा इजराइल के पर्यटक अकसर सिरमौर जिले में घूमने आते हैं। इसके अलावा देशभर के सभी राज्यों से 12 महीने पर्यटकों की आवाजाही यहां लगी रहती है। अपेक्षित सुविधाओं के अभाव में देशी विदेशी पर्यटक यहां से मायूस होकर लौटते हैं।
डिप्टी डायरेक्टर टूरिज्म सोलन अरुण भारद्वाज ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सैर जगास पैराग्लाडिंग को नोटिफाइड कर दिया था। अभी तक किसी भी आपरेटर्स ने लाइसेंस के लिए अप्लाई नहीं किया है, अगर आपरेटर्स आते हैंं तो उन्हें लाइसेंस दिया जाएगा।
2009 में मिली थी पैराग्लाइडिंग को हरी झंडी
2009में सैर जगास में पैराग्लाइडिंग की गतिविधियों को हरी झंडी प्रदान करने के मकसद से अधिसूचना जारी की गई थी। बड़ी बात यह है कि पूरे प्रदेश में सैर जगास में ही एककमात्र ऐसी साइट चिंहित हुई थी, इसमें उड़ान भरने के बाद वापस उसी स्थान पर लैंडिंग की जा सकती थी। अधिसूचना जारी होने से पहले बाकायदा सैर जगास में टेस्ट फ्लाइट्स आयोजित की गई थी। इसमें अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडर गुरप्रीत ढींढसा के अलावा कई विदेशी पैराग्लाइडर्स ने भी हिस्सा लिया था। टेक्रीकल सब कमेटी के अनुमोदन के बाद ही अधिसूचना जारी हुई थी।