अब खेतों मे जाकर ही जांची जाएगी मिट्टी
सोलनजिला के किसानों की मिट्टी की जांच अब उनके खेतों में ही होगी। कृषि विभाग इसके लिए मोबाइल सॉयल टेस्टिंग मोबाइल वैन खरीद रहा है। मोबाइल वैन के आने के बाद किसानों को मृदा जांच सुविधा उनके घरद्वार पर मिल सकेगी। कृषि विभाग सोलन ने सॉयल टेस्टिंग मोबाइल वैन के लिए अपना ऑर्डर भी दे दिया है। शीघ्र ही सोलन जिला में मोबाइल सॉयल टेस्टिंग वैन अपना कार्य शुरू कर देगी।
मौकेपर ही मिलेगी रिपोर्ट
वर्तमानमें कृषि विभाग के जिला कार्यालय सोलन में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला है। इस प्रयोगशाला में जिलाभर से आने वाले मिट्टी के नमूनों की जांच होती है।
जांच पूरी होने के बाद, इसकी रिपोर्ट डाक या अन्य माध्यमों से किसानों तक देरी से पहुंचती है। मोबाइल सॉयल टेस्टिंग सुविधा होने से किसानों के खेतों में ही मिट्टी की जांच उनके खेतों में करके ही साथ-साथ ही मृदा परीक्षण की रिपोर्ट भी किसान को थमा दी जाएगी।
वैनमें होगी टेस्टिंग लैब
मोबाइलवैन में पूरी सॉयल टेस्टिंग लैब होगी। साथ ही मोबाइल वैन में एक्सपर्ट अन्य स्टाफ भी मौजूद होगा, जो मृदा परीक्षण करेगा। सोलन जिला में मोबाइल सॉयल टेस्टिंग वैन शुरू होने से तुरंत मृदा परीक्षण की रिपोर्ट मिल सकेगी।
इससे किसानों को यह पता चल पाएगा कि उसकी जमीन में खाद की कितनी आवश्यकता है। किसान किस मिट्टी पर बेहतर फसल ले सकता है। मृदा की जांच होने पर किसानों की फसलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। किसानों को इससे उर्वरकों पर होने वाले अनावश्यक खर्च से भी बचा जा सकेगा।
स्पेशल ऑर्डर पर तैयार होती है मोबाइल वैन
कृषिविभाग सोलन के उपनिदेशक डॉ. वाईपी शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार के टिकाऊ खेती पर चल रहे राष्ट्रीय मिशन के तहत 67 लाख रुपए की लागत से मृदा परीक्षण करने वाली मोबाइल वैन खरीदी जा रही है। डॉ. शर्मा ने बताया कि इस मोबाइल वैन को स्पेशल ऑर्डर पर तैयार किया जाता है। इसके लिए ऑर्डर दे दिया गया है। इस मोबाइल वैन के माध्यम से जिलाभर के किसानों को उनके घर द्बार पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे किसानोंे के खेतों में जाकर ही मिट्टी की जांच की जा सकेगी।