कठपुतली डांस ने लूटी शाम
सोलनके ठोडो मैदान में चल रहे हिमाचल उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक रामेश्वर ने रंग जमाया। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में समाजसेवी डॉ. संजय अग्रवाल उनकी प|ी डॉ. सविता अग्रवाल ने मुख्यातिथि थे, जबकि नप सोलन के उपाध्यक्ष पवन गुप्ता विशेष अतिथि थे। शिमला से आए लोक गायक रामेश्वर ने गीत ऊंची धारो रा नजारा सोणा, भावा रूपिये, शिलूए और एक अधिया मंगाई जा रे समेत कई लोकप्रिय नाटियां सुनाकर युवाओं को नाचने पर विवश कर दिया। कुल्लू से आए गायक दीपक दीपू ने हम तेरे बिन रह नहीं पाते गीत से अपने कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद दीपू ने झुमकू वाली, रंग बदले दो चार, घन घन री छोरी, टेंशन नहीं लेने का, आने से उसके आये बहार सहित नान स्टॉप नाटियों की झड़ी लगा दी।
कार्यक्रम में हमीरपुर के शर्मा बैंड के कलाकारों ने अपने साजों की संगत से सोलन को अपना मुरीद बना दिया। हिमाचल आइडल रहे सोहन सिंह ने हिंदी पंजाबी और पहाड़ी गीतों से खूब समा बांधा। दूसरे दिन स्कूली प्रतियोगियों के पहले दौर में गुप्र डांस की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल शामति की बच्चों द्वारा प्रस्तुत कठपुतली नृत्य की रचनात्मकता गीत नृत्य संयोजन ने दर्शकों को बच्चों की प्रतिभा कायल बना दिया। सोलन की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किन्नौरी नाटी ने हिमाचल उत्सव के नाम को सार्थक किया पारंपरिक सामयिक नृत्य की सराहनीय झलक दिखाई। सोलन के सेंट ल्यूक्स स्कूल द्वारा प्रस्तुत ओडिसी नृत्य की वेशभूषा शास्त्रीय नृत्य की भी खूब वाह वाही लूटी। इंटर स्कूल डांस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका मंजू भारद्वाज जानी मानी रंगकर्मी कुमारी सुनीता शर्मा ने निभाई। कार्यक्रम के दौरान बीएल स्कूल माल रोड, साहू डांस अकादमी , डांस मानिया एसजे डांसिज जोन के नन्हें कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के माला नृत्य ने हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को याद कराया।
हिमाचल उत्सव की सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेते दर्शक।
हिमाचल उत्सव की सांस्कृतिक संध्या मुखौटा डांस करते स्थानीय स्कूल को बच्चे।