िसरमौर \"िनर्मल\' में भी बना \"िसरमौर\'
भारतसरकार द्वारा निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए हिमाचल प्रदेश की 21 पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें से 11 पंचायतें सिरमौर जिला की शामिल है। यह जानकारी डीसी रितेश चौहान ने वीरवार को देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 के निर्मल ग्राम पुरस्कार के िलए देश भर से कुल 587 पंचायतों का चयन किया गया।
इसमें से हिमाचल प्रदेश की 21 पंचायतों में से 11 पंचायतें सिरमौर जिला की शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है जोकि सिरमौर जिला की इस क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धि मानी गई है। डीसी ने बताया कि निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए जिला की 67 पंचायतों द्वारा आवेदन किया गया था। जिनमें से प्रथम चरण में 53 पंचायतें चयनित हुई थी। भारत सरकार के विशेषज्ञों द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद िसरमौर की 11 पंचायतें इस पुरस्कार की विजेता बनी हैं।
सोलन की तीन
प्रदेशकी चयनित 21 पंचायतों में से सिरमौर की 11, ऊना की चार, सोलन की तीन शिमला, किन्नौर, कुल्लु की एक-एक पंचायत शामिल है। डीसी ने सिरमौर जिला की चयनित 11 पंचायतों के प्रतिनिधियों, महिला एवं युवक मंडलों के अलावा इस कार्यक्रम से जुड़े ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है।
इन्हें िमला गौरव, इनाम में िमलेंगे 2 से 20 लाख
चयनितग्राम पंचायतों में विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायत नेहली-धीड़ा, विकास खंड पच्छाद की ग्राम पंचायत बनी-बखोली, चमैंजी, धार-टिक्करी, डिलमन, नैनाटिक्कर, राजगढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत भूईरा, नेहर-पाब नेरी-कोटली शिलाई विकास खंड की ग्राम पंचायत बेला-बशवा नाया-पंजौड़ शामिल है। डीसी ने बताया कि भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए चयनित ग्राम पंचायतों को राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार राशि पंचायतों की जनसंख्या के अनुसार दो लाख से बीस लाख तक दी जाएगी। निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए देश भर की चयनित 587 पंचायतों में से सर्वाधिक 355 पंचायतें महाराष्ट्र की शामिल है। जबकि मेघालय की 43, तमिलनाडू की 39, तेलंगाना की 36, मध्य प्रदेश की 34, आंध्र प्रदेश की 27, हिमाचल प्रदेश की 21, हरियाणा की 15, राजस्थान की 5, उड़ीसा छतीसगढ़ की तीन-तीन, गुजरात, अरूणाचल प्रदेश की दो-दो, बिहार कर्नाटक की एक-एक पंचायत का चयन निर्मल ग्राम पुरस्कार के लिए किया गया है।