स्थाई ठिकाना मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहंुचे स्ट्रीट वेंडर्स
रोजगारके लिए स्थाई ठिकाना मिलने पर सोलन शहर के स्ट्रीट वेंडर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार की तरफ से नेशनल हाईवे पर लगी रेहड़ियों को हटाने के आदेश के बाद हिमाचल प्रदेश रेहड़ी फड़ी यूनियन ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है।
12काे होगी सुनवाई
इसमामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 12 फरवरी को सुनवाई होनी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत सरकार को सड़क किनारे रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले दुकानदारों को हटाने से पहले स्थानीय ठिकाना उपलब्ध करवाने के आदेश दे रखे हैं। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन नगर परिषद शहर के रेहड़ी चालकों को आज तक उचित स्थान उपलब्ध नहीं करवा पाई है। पंजीकृत रेहड़ी चालक कई वर्षों से रोजगारी की स्थाई व्यवस्था करवाने के लिए प्रदेश सरकार से मांग करती रही है।
नगर परिषद सोलन ने शहर के कई हिस्सों में रेहड़ी मार्केट बनाने की योजना बनाई, लेकिन जमीन नहीं मिलने से यह आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई। उधर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर नगर परिषद ने भी अब हाथ पांव मारने शुरू किए हैं। इसके लिए 10 फरवरी को शहर के स्ट्रीट वेंडर के साथ बैठक रखी है।
किए जा रहे प्रयास: नगरपरिषद के अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि पंजीकृत रेहड़ी चालकों को स्थाई ठिकाना देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सपरून गंज बाजार में छोटी-छोटी दुकानें बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही है।